Sunday, April 5, 2026
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कानपुर में गैंगरेप पीड़ित के पिता की मार्ग दुर्घटना में मौत, घटना से गांव में तनाव

– आरोपितों की धमकी के बाद ट्रक से कुचलकर मौत को परिजनों ने बताया साजिश

– हालात खराब होने की संभावना पर गांव व कानपुर-सागर राजमार्ग पर पुलिस व पीएसी तैनात 

– जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री कोष से पांच लाख की राशि दिए जाने की घोषणा की

कानपुर (हि.स.)। कानपुर में गैंगरेप पीड़ित के पिता की संदिग्ध हालात में सड़क हादसे में मौत हो गई। जिसकी सूचना मिलने पर पीड़ित परिवार में कोहराम मच गया। आक्रोशित परिजनों ने कानपुर सागर हाईवे पर जाम लगा दिया। मृतक के परिजनों ने हत्या का आरोप लगाते हुए पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए।
सजेती थाना क्षेत्र के एक गांव में रहने वाली 13 साल की किशोरी के साथ गांव के दबंगों पर गैंगरेप करने का आरोप है। पीड़ित परिजनों की शिकायत के मुताबिक गांव के गोलू यादव और दीपू यादव ने अगवा कर किशोरी के साथ दुष्कर्म किया। जिसकी शिकायत पीड़ित परिजनों ने पुलिस से की, तो पुलिस ने दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। आरोपित दीपू यादव के पिता पुलिस विभाग में दरोगा हैं और इन दिनों कन्नौज में तैनात है। दीपू के परिजनों ने पीड़ित घरवालों को कार्रवाई नहीं करने के लिए धमकाया था। साथ ही पुलिस से शिकायत करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी दी थी। 
इस धमकी के बीच बुधवार सुबह घाटमपुर कस्बे में सीएचसी के बाहर अनूपूर चौराहे के पास गैंगरेप पीड़ित के पिता को संदिग्ध परिस्थितयों में ट्रक ने रौंद दिया। आनन-फानन में पुलिस उसे लेकर हैलट अस्पताल पहुंची, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद मृतक के परिजनों ने साजिशन हत्या का करवाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि पुलिस बेवजह गैंगरेप पीड़ित के पिता को इधर-उधर भटका रही थी। इसी दौरान उसे हादसे का शिकार बना दिया गया। घटना को लेकर गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस बल व पीएसी तैनात कर दी गई है। 
इस पूरे प्रकरण में पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) कानपुर डॉ. प्रीतिंदर सिंह ने कहा कि गैंगरेप के मामले में मुख्य आरोपित की गिरफ्तारी किए जा चुका है। वारदात में शामिल दूसरे आरोपित और पीड़ित परिजनों को धमकाने वाले की तलाश में पुलिस की पांच टीमों को लगाया गया है। जल्द ही उनको पकड़ते हुए कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने पीड़ित के पिता की मौत को दु:खद बताया और मामले की जांच कराने की बात कही। 
मुख्यमंत्री कोष से दी गई पांच लाख की राशि

जिलाधिकारी आलोक तिवारी ने गैंगरेप पीड़ित के पिता की हादसे में मौत पर शोक व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री राहत कोष से पांच लाख रुपये सहायता राशि दिए जाने की घोषणा की है। साथ ही पट्टा दिए जाने को लेकर अफसरों को निर्देश दिए है। इसमें आरोपितों को किसी भी हाल में बक्शा नहीं जाएगा, उनके खिलाफ कठोर विधिक कार्यवाही की जाएगी। 

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