कानपुर (हि.स.)। शहर के बीचोंबीच से जा रही रेलवे लाइन में कई जगहों पर क्रासिंग पर भीषण जाम के समाधान के लिए पहल शुरु हो गई। गुरुवार को मुख्य सचिव के निर्देश पर प्रमुख सचिव आवास एवं शहरी नियोजन विभाग नितिन गोकरण ने जीटी रोड के समानांतर चल रही पूर्वोत्तर रेल खंड जरीब चौकी से मांधना तक की 9 मुख्य रेल क्रॉसिंग पर जाम की समस्या और उसके समाधान के लिए मंडलायुक्त डॉ राजशेखर यूपी मेट्रो के प्रबंध निदेशक कुमार केशव, पूर्वोत्तर रेलवे गोरखपुर के मुख्य अभियंता कैलाश सिंह, उत्तर मध्य रेलवे के मुख्य अभियंता सुशील कुमार, पुलिस उपायुक्त यातायात संकल्प शर्मा, समन्वयक नीरज श्रीवास्तव, लोक निर्माण के मुख्य अभियंता, महा प्रबंधक सेतु निगम, परियोजना निर्देशक कानपुर मेट्रो के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए बैठक कर तथ्यों की जानकारी ली।
मंडलायुक्त ने बताया कि इस रेल खंड के समानांतर राष्ट्रीय राजमार्ग 91/34 भी चल रहा है और 9 मुख्य क्रॉसिंग पर रेलवे गेट बंद होने के समय प्रतिदिन की जाम की बड़ी समस्या है। उन्होंने बताया कि इस रेल खंड पर प्रतिदिन 38 यात्री ट्रेन कुछ वीकली ट्रेनें भी है। उन दिनों में 45 यात्री ट्रेन तथा 18 मालगाड़ी इस प्रकार कुल ट्रेन सामान्य दिनों में 56 और कुछ विशेष दिनों में 63 ट्रेनों का संचालन होता है। इस दौरान गेट बंद होने पर प्रत्येक बार लगभग 10 मिनट गेट बंद रहता है जिस कारण 24 घंटे में लगभग 11 घंटे क्रॉसिंग बंद रहने के कारण प्रतिदिन बड़ा जाम रहता है जिससे यातायात बाधित रहने के साथ दुर्घटना बाहुल्य भी हो गया है। यह रेल खंड दक्षिण कानपुर को विभाजित करता है और दक्षिणी क्षेत्र में लगभग 17 से 18 लाख की आबादी है जो अपने मुख्य कार्यों के लिए रेल लाइन क्रॉस करके उत्तर की ओर आती है। इस विकराल समस्या के लिए पिछले कई वर्षो से विभिन्न स्तरों पर प्रयास होते आ रहे है।
मंडलायुक्त ने स्थाई समाधान के लिए मंधना से पनकी लगभग 12 किलोमीटर का नया ट्रैक, आईआईटी से जरीब चौकी तक रेलवे ट्रैक को एलिवेटेड करने का सुझाव दिया। इसके साथ ही कहा कि निर्माण की ओर अग्रसर रिंग रोड के मंधना से लखनऊ राजमार्ग में आटा जो लगभग 32 किलोमीटर का सेक्शन है, इसके मध्य में कानपुर लखनऊ खंड में मगरवारा स्टेशन या उसके निकट तक लगभग 26 किलोमीटर का नया रेल ट्रैक बना दिया जाए, जिस पर गंगा नदी पर सेतु भी बनाना होगा।
अजय
