Thursday, April 2, 2026
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कानपुर देहात प्रकरण में पीड़ित परिवार को समुचित आर्थिक सहायता मिले : कांग्रेस

लखनऊ (हि.स.)। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष बृजलाल खाबरी ने बुधवार को पार्टी मुख्यालय पर एक पत्रकारवार्ता की। उन्होंने कानपुर देहात में अतिक्रमण के दौरान मां और बेटी की जलकर हुई मौत के मामले में सरकार को घेरा है। उन्होंने कहा कि मामले की न्यायिक जांच और पीड़ित परिवार को समुचित आर्थिक सहायता देने की मांग की है।

राज्यपाल से कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल को समय न मिलने पर आक्रोशित प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बृजलाल खाबरी ने पार्टी मुख्यालय पर प्रेसवार्ता को संबोधित किया। इसके साथ ही कांग्रेसजनों ने राज्यपाल द्वारा समय न दिए जाने और कानपुर में हुई इस जघन्य वारदात पर अपना आक्रोश व्यक्त करते हुए धरना प्रदर्शन भी किया। इस दौरान कई कांग्रेस नेता बैरिकेडिंग पर चढ़ गए और पुलिस से तीखी नोकझोंक हुई।

प्रदेश अध्यक्ष ने प्रेस वार्ता में पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि कानपुर में मां और बेटी की जलकर हुई मृत्यु की यह जघन्य घटना सीएम योगी की बुलडोजर नीति का परिणाम है। क्योंकि योगी सरकार प्रदेशभर में अतिक्रमण और अन्यायपूर्ण बुलडोजर नीति अपनाकर जहां लगातर अपनी पीठ थपथपा रही है। वहीं जनमानस के बीच में भारतीय संविधान और कानून से विश्वास उठ रहा है।

प्रेसवार्ता में शामिल पूर्व मंत्री, मीडिया विभाग के चेयरमैन नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने कानपुर में हुई इस जघन्य घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। श्री सिद्दीकी ने कहा कि जिस तरीके से अतिक्रमण के नाम पर बर्बरता की गई। यह घोर प्रशासनिक लापरवाही और पुलिस की मनमानी का जीता जागता उदाहरण है। ऐसा पुलिसिया बर्ताव खुलेआम लोकतंत्र की हत्या है। बुलडोजर नीति पर अपनी पीठ थपथपा रही सरकार के शासन काल में आज संविधान की ताकत को लगातार कमजोर करने का षड्यंत्र चल रहा है।

पत्रकारों को संबोधित करते हुए पूर्व मंत्री व प्रांतीय अध्यक्ष नकुल दुबे ने कहा लगातार योगी जी के पहले कार्यकाल और अब दूसरे कार्यकाल में भी ब्राह्मण समाज की हत्याओं का सिलसिला रुक नहीं रहा है। लगातार धर्म-जाति विघटन के नाम पर ब्राह्मणों का वोट हासिल करने वाली बीजेपी सरकार में आज सबसे ज्यादा ब्राह्मण, दलित और अतिपिछड़े त्रस्त हैं।

प्रेसवार्ता में शामिल प्रांतीय अध्यक्ष अनिल यादव ने कानपुर जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन के ढुलमुल रवैए की कड़ी निंदा की। श्री यादव ने पत्रकारों को बताया कि पीड़ित परिवार जमीनी विवाद को लेकर अदालत की शरण में गया हुआ था। ऐसे में प्रशासन को विवेक से काम लेने की जरूरत थी। मामले को संवेदनशीलता से न समझते हुए, जिस तरीके से पुलिसिया बर्बरता की गई है, यह स्वीकार्य नहीं है।

प्रदेश प्रवक्ता पंकज तिवारी ने बताया कि सरकार द्वारा चलाई जा रही बुलडोजर नीति और भारतीय संविधान को कमजोर करने वाला जो षड्यंत्रकारी प्रयास किया जा रहा है, इसको लेकर कांग्रेसजन राज्यपाल से अपनी बात रखना चाहते थे। राज्यपाल द्वारा कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल को समय न देना, अन्यायपूर्ण और अनुचित है। श्री तिवारी ने बताया कि हम शांतिपूर्ण तरीके से राजभवन की ओर जा रहे थे। योगी सरकार ने तानाशाही रवैया अपनाते हुए बैरिकेडिंग लगाई और कांग्रेसियों को रोका।

कानपुर में हुई इस जघन्य घटना के विरोध में हुए आज के प्रदर्शन में पूर्व विधायक श्याम किशोर शुक्ला, इंदल रावत, प्रशासन प्रभारी दिनेश कुमार सिंह, संगठन सचिव अनिल यादव, मीडिया संयोजक अशोक सिंह, प्रवक्ता विकास श्रीवास्तव, संजय सिंह, अमित त्यागी, संतोष बाबा, सर्वेश संघर्षी समेत सैकड़ों कांग्रेसजन उपस्थित थे।

दीपक

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