Tuesday, March 17, 2026
Homeउत्तर प्रदेशकानपुर देहात : दुल्हन की तरह सजा राष्ट्रपति का गांव परौंख, घर-घर...

कानपुर देहात : दुल्हन की तरह सजा राष्ट्रपति का गांव परौंख, घर-घर में उत्सव का माहौल

हर घर में रुके हैं रिश्तेदार, दूसरे गांवों में ब्याही ज्यादातर महिलाएं आ गईं मायके 
अवनीश अवस्थी
कानपुर देहात(हि.स.)। उत्तर प्रदेश से बने पहले देश के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद पहली बार अपनी माटी का आर्शीवाद लेने पैतृक गांव परौंख रविवार को जा रहे हैं। गांव जाने में जितनी खुशी राष्ट्रपति को होगी, उससे कहीं ज्यादा खुशी गांव वालों में देखी जा रही है। यही नहीं ब्याही ज्यादातर महिलाएं अपने बाबा को देखने के लिए मायके आ गई हैं। हर घर में रिश्तेदारों की भरमार है और राष्ट्रपति को देखने के लिए ग्रामीणों के साथ रिश्तेदार भी लालायित हैं। खासकर अपने मायके आई महिलाओं में जबरदस्त उत्साह है और पकवान बनाकर खुशियां मनाई जा रही है।राष्ट्रपति बनने के बाद महामहिम अपनी शैक्षणिक स्थली कानपुर नगर वैसे तो पांच बार आ चुके हैं, लेकिन एक बार भी कानपुर देहात के अपने पैतृक गांव परौंख नहीं गये। हालांकि हर बार ग्रामीणों ने कानपुर आकर आग्रह किया, पर प्रोटोकॉल के चलते हर बार ग्रामीणों को निराशा हाथ लगी। यही नहीं शहर के कल्याणपुर क्षेत्र के इंदिरा नगर में बने अपने आवास भी नहीं गये। यह अलग बात है कि जब तीसरी बार कानपुर नगर आये तो उनकी पत्नी सविता कोविंद अपने कल्याणपुर के आवास जाकर करीबियों से मुलाकात की थी।
ग्रामीणों की मांग के चलते कानपुर नगर की अपनी छठी यात्रा में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने अपने पैतृक गांव परौंख जाने का कार्यक्रम सुनिश्चित कर दिया। उनकी परौंख यात्रा को लेकर जहां प्रशासन गांव को दुल्हन की तरह सजाने में जुटा है। वहीं ग्रामीण भी अपने घरों को सजा रहे हैं। घरों को सजाने से ज्यादा ग्रामीणों में अपने बाबा को देखने में ज्यादा उत्साहित दिख रहे हैं।
बता दें कि राष्ट्रपति का गांव में पद काफी बड़ा है। इस बात का ऐसे अंदाजा लगाया जा सकता है कि राष्ट्रपति की उम्र के लोग उनके पोते लग रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के पिता मैकूलाल को पूरा गांव प्यार से बाबा कहता था और यह क्रम आगे भी चलता रहा। 
ग्रामीणों की जुबानी ग्राम प्रधान संग्राम सिंह ने बताया कि गांव में अक्सर विवाह सहित अन्य कार्यक्रम उत्सव के होते रहते हैं, लेकिन उन उत्सवों में वही लोग शामिल होते थे जो उनके नजदीकी होते थे। इस गांव में पहली बार ऐसा देखा जा रहा है कि राष्ट्रपति  के आने पर पूरे गांव में उत्सव मनाया जा रहा है। सबसे ज्यादा खुशी उन महिलाओं में है, जिनका जन्म बेटी के रुप में यहां हुआ है और दूसरे गांवों में विवाहित हैं। ऐसी लगभग सभी महिलाएं मायके आ गई हैं और अपने बाबा को देखना चाहती हैं।
गांव के सोनू ने कहा कि हमने कभी बाबा जी को सामने से नहीं देखा और अब ऐसा अवसर आया कि गांव में ही बाबा को देखने को मिलेगा। ऐसा ही खुशियां बयां करते हुए गांव के अवधेश, रामनरेश, पिंटू, अरुण, वेदप्रकाश आदि ने कहा। 
राष्ट्रपति के आने से पहले सजा परौंख
राष्ट्रपति बनने के बाद राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद पहली बार रविवार को हेलीकाप्टर द्वारा अपने पैतृक गांव परौंख कानपुर देहात पहुंचेगे। राष्ट्रपति के गांव आने के चलते पूरे परौंख गांव को फूलों से सजाया गया है। सड़कें चमचमा रही हैं और गांव जगमगा रहा है।
जनपद के अधिकारियों ने डेरा डालकर गांव को भव्य बना दिया है। गांव के चारों ओर विकास ही विकास दिखाई दे रहा है। पंडाल, मंदिर, स्टेज, सड़क से लेकर गांव तक कुशल इंजीनियरों द्वारा भव्य रुप दिया गया है। यहां के प्राथमिक विद्यालय, इंटर कालेज, आंगनबाड़ी, अस्पताल, मिलन केन्द्र जो महामहिम के पैतृक घर पर बना है और राज्यसभा सांसद रहने के दौरान उन्होंने बनवाया था, इन सभी जगहों पर गजब की सजावट दिख रही है।
वहीं, परौंख गांव के लोग राष्ट्रपति का स्वागत करने के लिये उत्साहित हैं। राष्ट्रपति रविवार को सुबह 09 बजे अपने गांव पहुंचेगे। उनकी सुरक्षा को लेकर सड़क से लेकर गांव तक चप्पे-चप्पे पर अर्धसैनिक बल तैनात किया गया है।

RELATED ARTICLES

Most Popular