– वन विभाग की नौ सदस्यीय टीम चला रही है अभियान
कानपुर (हि.स.)। गंगा कटरी के करीब 10 किमी के दायरे में चार दिनों से दो शावकों के साथ मादा तेंदुआ विचरण कर रही है। समय-समय पर मवेशियों का शिकार भी कर रही है, जिससे ग्रामीण दहशत में हैं और खेतों पर जाने से कतरा रहे हैं। ग्रामीण पटाखे और कनस्तर बजाकर रात गुजार रहे हैं। वहीं वन विभाग की नौ सदस्यीय टीम तेंदुआ को पकड़ने में जुटी हुई है।
नवाबगंज थाना क्षेत्र के भगवानदीन पुरवा के लोगों ने शुक्रवार को पुलिस और वन विभाग को जानकारी दी थी कि तेंदुआ गंगा कटरी में घूम रहा है और मवेशियों को शिकार बना रहा है। इसके बाद वन विभाग, प्रशासनिक अफसरों के साथ पुलिस मौके पर पहुंची। ग्रामीणों की जुबानी से वन विभाग को यकीन हो गया कि तेंदुआ यहां पर विचरण कर रहा है। अगले ही दिन वन विभाग की नौ सदस्यीय टीम का गठन कर दिया गया और पिंजरा भी रखवा दिया गया। लेकिन तेंदुआ पिंजरे के आसपास से होकर निकल जा रहा है।
ग्रामीणों ने बताया कि तेंदुआ के साथ दो शावक भी है। जिससे साफ हो गया कि तेंदुआ मादा है। ग्रामीणों ने बताया कि चार दिनों से शावकों के साथ मादा तेंदुआ बराबर मवेशियों का शिकार कर रही है। इससे खेतों की ओर जाने में डर लग रहा है और शाम होते ही लोग घरों पर कैद हो जाते हैं। सुरक्षा के लिहाज से ग्रामीण पटाखे दागते रहते हैं और कनस्तर भी बजा रहे हैं।
प्राकृतिक वास है कटरी का इलाका
जिला वन अधिकारी अरविंद यादव ने बताया कि मादा तेंदुआ दो शावकों के साथ भगवानदीन पुरवा, भोपालपुरवा, बनियापुरवा और दुर्गापुरवा के आसपास विचरण कर रही है। यह इलाका तेंदुआ के लिए प्राकृतिक वास है, क्योंकि गंगा किनारे झाड़ियां भी बहुतायत में हैं और मौसम भी अनुकूल रहता है। यहां उनका आना-जाना लगातार बना रहता है। ऐसा अनुमान है कि मादा तेंदुआ गंगा किनारे किसी ठंडे स्थान पर छिपकर बैठी है। गर्मी की वजह से वह दिन के उजाले में बाहर नहीं निकल रही है। रात के वक्त ही शावकों के साथ निकलती है। उसके पंजे के निशान भी मिले हैं।
लगाये गये हैं दो पिंजरे, चार नाइट विजन कैमरे
डीएफओ ने बताया कि वन विभाग की नौ सदस्यीय टीम तेंदुआ को पकड़ने के लिए लगाया गया है। टीम 10 किमी की रेंज में तेंदुआ की तलाश कर रही है। इसके साथ ही चार नाइट विजन कैमरे और दो पिंजरे लगाए गए हैं। इनमें तेंदुआ की कोई हरकत नहीं हुई है। गंगा कटरी इलाके के भगवानदीन का पुरवा समेत दर्जनों गावों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। ग्रामीणों को सर्तक रखने के साथ ही खुद की और मवेशियों का ध्यान रखने की हिदायत दी गई है।
अजय
