कानपुर (हि.स.)। क्रिसमस पर्व के नजदीक आते ही पूरे शहर के गिरजाघरों समेत अन्य स्थानों पर उसकी तैयारियां शुरू हो गई है और बेल, लड़ियां, सेंटा क्लाज की ड्रेस, टोपी बाजार में आ गई हैं। इस बार के क्रिसमस पर बाजार में रिमोट से जिंगल बेल्स सुनाने वाले सेन्टा क्लाज आ गए है जो लोगों की पहली पसन्द बनते जा रहे हैं। हालांकि होटल कारोबार थोड़ा ठंडा होने की वजह से कारोबारी निराश हैं। उनका मानना है कि होटलों में बड़े आयोजन ना होने की वजह से क्रिसमस पर पहले जैसी तैयारियां नहीं हो रही हैं लेकिन फिर भी बिक्री अच्छी है।
कानपुर का पांच करोड़ रुपये का क्रिसमस बाजार फिर तैयार है। मेस्टन रोड स्थित टोपी बाजार में दुकानें सजी हुई हैं। बाजार में सजी हुई दुकानों में कहीं काउंटर पर सजे हुए सेंटा क्लाज हैं तो कहीं गोल्डन ट्री सजे हुए हैं। इस पर्व में सबसे ज्यादा मांग ट्री की होती है। इसमें भी अलग-अलग तरह के ट्री होते हैं। ग्रीन नार्मल ट्री 25 रुपये से लेकर 1,000 रुपये तक के हैं तो पाइन ट्री, स्नो पाइन ट्री भी हैं। गोल्डन ट्री 7,000 रुपये का है लेकिन सबसे महंगा ट्री स्नो फाल ट्री है। इसमें मोटर लगी हुई है और इससे लगातार बर्फ की तरह थर्मोकोल के टुकड़़े निकलते रहते हैं। इसकी कीमत 25 हजार रुपये हैं। दूसरी ओर सेंटा क्लाज 280 रुपये से लेकर 580 रुपये के बीच है।
वहीं, सेंटा की डमी 25 हजार रुपये की है। सेंटा की ड्रेस सबसे ज्यादा बिकती हैं। यह ड्रेस 15 रुपये से लेकर 950 रुपये के बीच की है। वहीं सेंटा की कैप 15 रुपये से लेकर 85 रुपये के बीच है। क्रिसमस में बेल की बिक्री भी खूब होती है। ये बेल भी अलग-अलग स्टाइल की हैं और इनकी कीमत 45 रुपये से 2,000 रुपये के बीच है। इसके बीच ही हाॅल सजाने के लिए लगाई जाने वाली टेंसिल भी है। यह भी 25 रुपये से 100 रुपये के बीच है।
