युवतियों को बनाता था शिकार, करीब 80 लाख रुपये की कर चुका है ठगी
कानपुर (हि.स.)। देश और दुनियाभर में एक-दूसरे से जुड़ने के लिए लोग सोशल मीडिया का जमकर प्रयोग कर रहे हैं। लोगों के बीच बढ़ रहा सोशल मीडिया का ग्राफ कुछ शातिर ठगों के लिए मुफीद बन गया है। ऐसा ही एक मामला कानपुर में उस समय आया जब कानपुर क्राइम ब्रांच ने दिल्ली से नाइजीरियन ठग को गिरफ्तार किया। आरोप है कि यह ठग फेसबुक और इंस्टाग्राम पर पहले युवतियों से दोस्ती कर गिफ्ट भेजने की बात करता था और बाद में दूसरे नाम से कस्टम अधिकारी बनकर ठगी करता था। उससे पूछताछ में अब तक करीब 80 लाख रुपये की ठगी की बात सामने आई है।
नवाबगंज थाना में 24 जुलाई को एक युवती ने नाइजीरियन युवक के खिलाफ मुकदमा लिखाया था। प्राइवेट नौकरी करने वाली युवती ने पुलिस को बताया कि उसकी इंस्टाग्राम द्वारा केविन हेरिसन नाम के व्यक्ति से दोस्ती हुई। इसके बाद फेसबुक और व्हाट्सएप चैट से उसकी बातचीत शुरू हो गई। वह खुद को यूके का नागरिक बताता था। युवक ने उसे एक महंगा गिफ्ट भेजने के लिए कहा। पहले तो युवती ने गिफ्ट के लिए मना किया, लेकिन कई बार कहने पर उसने हामी भर दी।
कस्टम अधिकारी बनकर किया फोन
युवती के हां करने के बाद उसी युवक ने कस्टम विभाग का अधिकारी बनकर उसे फोन किया कि आपका कीमती गिफ्ट आया है। इसे लेने के लिए आपको 23500 रुपये देने होंगे। इस पर युवती ने पेटीएम के द्वारा एकाउंट में अमाउंट ट्रांसफर कर दिया। इसके बाद फिर से फोन आया कि गिफ्ट में पैसे भी हैं इसके लिए आपको मनी लैंडिग प्रमाण पत्र देना होगा, नहीं तो मुश्किल में फंसोगी। दोबारा बातों में फंसकर युवती ने दोबारा 65200 रुपये भेज दिया। इस तरह से डरा धमकाकर कथित अधिकारी ने उससे अब तक 404787 रुपये खाते में जमा करा लिये। युवती ने कहा मुझे गिफ्ट नहीं चाहिए मेरे पैसे वापस करो तो आरोपित द्वारा उसका नंबर ब्लाक कर दिया गया।
क्राइम ब्रांच ने धर दबोचा
कानपुर पुलिस आयुक्त असीम अरुण ने शनिवार को बताया कि नवाबगंज थाने में लिखे गये मुकदमे की जांच कॉल डिटेल और अन्य रिकार्ड के आधार पर क्राइम ब्रांच ने आरोपित ओकुवारिमा मोसिस को गिरफ्तार किया। जो कि मूलरूप से नाइजीरिया का रहने वाला है और वर्तमान में महावीर नगर नई दिल्ली में रह रहा था। उसके पास से 2 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, एक पास पोर्ट, एक इनकम टैक्स का आईडी कार्ड भी बरामद हुआ है। ओकुवारिमा मोसिस ही इंस्टाग्राम द्वारा केविन हेरिसन नाम से युवतियों को अपने जाल में फंसाता था। अब तक हुई पूछताछ में आरोपित से करीब 40 लोगों को अपने जाल में फंसाकर करीब 70 से 80 लाख रुपये की ठगी करने का मामला सामने आया है। इन 40 लोगों में से क्राइम ब्रांच ने छह लोगों से सम्पर्क भी कर लिया है। यह अलग-अलग राज्यों के रहने वाले हैं।
