Sunday, April 5, 2026
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कानपुर के पत्रकारों ने केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री ‘टेनी’ का फूंका पुतला, इस्तीफे की हुई मांग

– बेटे पर अनुशासन रखते मंत्री तो न होता लखीमपुर कांड, बच जाती लोगों की जान

कानपुर (हि.स.)। लखीमपुर कांड को लेकर सवाल पूछने पर केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री अजय कुमार मिश्र उर्फ टेनी पत्रकारों पर आग बबूला हो गये थे और गाली देते हुए अभद्रता की थी। इससे पूरे देश के पत्रकारों में रोष व्याप्त हो गया और कानपुर के पत्रकारों ने केन्द्रीय मंत्री का पुतला फूंक विरोध दर्ज कराया। इसके साथ ही मांग की गई कि ऐसे सड़क छाप मंत्री से फौरन इस्तीफा लेना चाहिये, नहीं तो भारतीय लोकतंत्र की आत्मा को ठेस पहुंचेगी। पत्रकारों ने कहा कि पत्रकार का काम है सवाल पूछना और मंत्री अगर जवाब नहीं दे सकते तो देश के चौथे स्तम्भ को गाली देने का अधिकार इनको किसने दे दिया।

लखीमपुर कांड में बीते दिनों एसआईटी ने अपनी जांच रिपोर्ट कोर्ट को सौंप दी थी। जांच रिपोर्ट केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री अजय कुमार मिश्र उर्फ टेनी के बेटे आशीष मिश्रा उर्फ मोनू समेत 13 लोगों के खिलाफ गई। इससे केन्द्रीय मंत्री पत्रकारों के सवाल में अपना आपा खो बैठे और सवाल पूछने वाले पत्रकारों को गाली गलौज आन रिकार्ड कर दी। यही नहीं गाली देते हुए एक पत्रकार को पीटने के लिए भी हाथ बढ़ा दिये, जो भारतीय लोकतंत्र में किसी मंत्री द्वारा शायद ही पहली घटना रही होगी। इससे पूरे देश के पत्रकारों में रोष व्याप्त हो गया है और हर शहर में मंत्री का विरोध किया जा रहा है।

इसी कड़ी में गुरुवार को कानपुर प्रेस क्लब के आवाहन पर सैकड़ों की संख्या में पत्रकारों ने अध्यक्ष अवनीश दीक्षित की अध्यक्षता में मानव श्रृंखला बनाकर केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा का परेड़ चौराहे पर पुतला फूंका और जमकर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। इसके साथ ही राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को सम्बोधित ज्ञापन मजिस्ट्रेट को सौंपा गया और मांग की गई कि सड़क छाप मंत्री से फौरन इस्तीफा लेना चाहिये। पत्रकारों ने कहा कि लखीमपुर में जिस तरीके से लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के साथ सत्ता के नशे में चूर मंत्री अजय मिश्र द्वारा अभद्रता की गई वह निंदनीय है। पत्रकार उनकी इस हरकत को कतई बर्दाश्त नहीं करेगा। कहा गया कि भारतीय लोकतंत्र के अनुसार अगर सरकार में कुछ भी नैतिकता बची हो तो ऐसे सड़क छाप गुंडे मंत्री से फौरन इस्तीफा ले लेना चाहिये। यह भी कहा कि अगर मंत्री का इस्तीफा नहीं लिया जाता तो पत्रकारों की ताकत आगे देखने को मिलती रहेगी और गली-गली मंत्री का पुतला फूंककर विरोध दर्ज कराया जाएगा।

इस दौरान अभिलाष बाजपेयी, मनोज यादव, सुनील साहू, नीरज अवस्थी, मोहित वर्मा, चंदन जायसवाल, हनुमंत सिंह, लालू चौहान, अमित यादव, इब्ने हसन जैदी, अमन तिवारी, नौशाद, रोहित कश्यप, रोहित निगम, दीप त्रिवेदी, श्याम तिवारी, अशोक सिंह, इरफान, इखलाक अहमद, रमन गुप्ता, प्रभात अवस्थी, नितिन कुशवाहा, नितिन गुप्ता, विशाल शुक्ला आदि सैकड़ों पत्रकार मौजूद रहें।

अनुशासन रखते तो न होता लखीमपुर कांड

कानपुर प्रेस क्लब के महामंत्री कुशाग्र पाण्डेय ने कहा कि केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री अजय कुमार मिश्र अगर अपने बिगड़ैल बेटे पर अनुशासन रखते तो शायद लखीमपुर कांड न होता और लोगों की जान बच जाती। अब एसआईटी की जांच रिपोर्ट में बेटे की करतूत सामने आई तो मंत्री बौखला रहे हैं और पत्रकारों पर गुस्सा कर रहे हैं। मंत्री को शायद भारतीय लोकतंत्र के विषय में एबीसीडी मालूम होती तो चौथे स्तम्भ पर अपनी सड़क छाप गाली का प्रयोग न करते।

ब्रिटिश हुकूमत में भी चौथे स्तम्भ का रखा जाता था मान

कानपुर प्रेस क्लब के अध्यक्ष अवनीश दीक्षित ने कहा कि जब देश गुलाम था तब भी चौथे स्तम्भ यानी पत्रकारिता की इज्जत होती थी और पत्रकारों का मान बराबर रखा जाता था। आज आजादी के बाद भारतीय लोकतंत्र में केन्द्रीय मंत्री द्वारा पत्रकारों को बीच सड़क में गाली दिया जा रहा है। इससे पत्रकार ही नहीं पूरा देश आहत है और इस घटना से भारतीय लोकतंत्र को ठेस पहुंची है। कानपुर का पत्रकार देश के प्रधानमंत्री से मांग करता है कि चौथे स्तंभ पर कुठाराघात करने वाले केन्द्रीय मंत्री से फौरन इस्तीफा ले लें।

अजय

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