पूर्व में वन विभाग के जंगल में वापस जाने का दावा निकला खोखला, दहशत में आए एनएसआई कर्मी व क्षेत्रीय जनता
कानपुर(हि.स.)। कानपुर महानगर में एक बार फिर तेंदुआ देखने के बाद वन विभाग व प्रशासन में हड़कम्प मच गया है। इस बार कानपुर के कल्याणपुर में स्थित नेशनल शुगर इंस्टिट्यूट के बाहर तेंदुआ देखा गया है। वहां पर तैनात कर्मचारी ने तेंदुए को देखा है जिसके बाद उसने अपने एनएसआई के अधिकारियों और वन विभाग को इसकी सूचना दी गई। वन विभाग फिर से नये सिरे से तेंदुए को पकड़ने की रणनीति में जुट गया है।
कानपुर में बीते दिनों एक तेंदुआ गंगा कटरी क्षेत्र से बैराज के रास्ते नवाबगंज के वीएसएसडी कॉलेज पहुंचा था। कॉलेज में तेंदुआ के आने से खलबली मच गई थी और कॉलेज को बंद करना पड़ा था। इसके साथ ही वन विभाग की टीमें तेंदुआ को पकड़ने के लिए जुट गई थी। लेकिन 15 दिनों तक तेंदुआ कॉलेज से लेकर बैराज स्थित सिंचाई विभाग तक घूम—घूमकर छोटे जीवों को शिकार करता रहा। वन विभाग की रणनीति इस दौरान उसे पकड़ने में नाकाम साबित हुई। इसके बाद उसी क्षेत्र में कई दिनों तक चहलकदमी न देखने पर डीएफओ अरविन्द यादव ने उसके जंगली क्षेत्र में वापस लौट जाने का बयान जारी कर दिया था।
वन विभाग के बयान से शहरी क्षेत्र के लोगों में तेंदुआ की दहशत कम हो गई थी लेकिन कई दिनों बाद फिर तेंदुआ देखा गया है। इस बार बैराज के बजाए कल्याणपुर के नेशनल शुगर इंस्टिट्यूट (एनएसआई) के वन्य क्षेत्र में तेंदुआ को घूमते कर्मचारियों ने देखा है। कानपुर में तेंदुआ दिखाई देने से खलबली मच गई है।
एनएसआई के कर्मचारी बृजेश कुमार ने बताया कि वह गेट नम्बर तीन व चार पर ड्यूटी कर रहा था, तभी 11:20 मिनट पर उसने तेंदुआ को घूमते देखा और वह संस्थान के खेत में घुस गया। इसकी सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और तेंदुए के पंजों के निशान भी देखें। नेशनल शुगर इंस्टिट्यूट (एनएसआई) में तेंदुआ दिखाई देने के बाद से वन विभाग की बैचानी को बढ़ा दिया है। वहीं, प्रशासन में भी हड़कंप मच गया है। वन विभाग की टीमें तेंदुआ के लोकेशन व पकड़ने की तैयारी में जुट गई हैं।
मोहित
