Thursday, February 12, 2026
Homeउत्तर प्रदेशकानपुर : आईआईटी ने एयरशेड प्लानिंग प्रोफेशनल्स को जारी किया प्रौद्योगिकी लाइसेंस

कानपुर : आईआईटी ने एयरशेड प्लानिंग प्रोफेशनल्स को जारी किया प्रौद्योगिकी लाइसेंस

कानपुर (हि.स.)। स्थानीय विनिर्माण को बढ़ावा देने और एमएसएमई क्षेत्र को समर्थन देने के लिए आईआईटी कानपुर में विकसित एक आविष्कार “एयर सैंपलिंग डिवाइस” को एयरशेड प्लानिंग प्रोफेशनल्स प्राइवेट लिमिटेड को विनिर्माण और बिक्री के लिए लाइसेंस दिया गया है। 

बाजार में अभी तक उपलब्ध पीएम माप के पारंपरिक मापदंडों में जैव-एरोसोल की माप करने की क्षमता नहीं है। लेकिन इस डिवाइस की खूबी है कि, ये बायो-एयरोसोल और पार्टिकुलेट मैटर के नमूने को एकत्रित करने के लिए दो अलग-अलग सैंपलिंग उपकरणों की आवश्यकता को समाप्त करता है। यह जानकारी आईआईटी के निदेशक प्रो. अभय करंदीकर ने मंगलवार को दी। 
उन्होंने बताया कि उत्तर भारत विशेष रुप से कानपुर के प्रदूषण के स्तर को ध्यान में रखते हुए वर्तमान तकनीक यानी एयर सैंपलिंग डिवाइस हवा के विभिन्न मापदंडों के आकलन के लिए नमूने एकत्र कर सकती है। जिसमें हवा की मौजूदगी, परिवेशी वायु में विभिन्न माइक्रोबियल कालोनियों के मात्रात्मक अनुमान प्रदान करने के साथ परिवेशी वायु की गुणवत्ता की निगरानी और नमूनाकरण और हवा में मौजूद मात्रात्मक मूल्यांकन शामिल हैं। यह उपकरण कुशल वायु नमूने के लिए एक कम लागत वाली तकनीक है, पारंपरिक वास्तविक समय के ऑप्टिकल उपकरणों की तुलना में डिवाइस में एक सरल डिजाइन है।
यह तकनीक आईआईटी कानपुर के सिविल इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर तरुण गुप्ता और उनके पीएचडी छात्र डॉ० अमित सिंह चौहान द्वारा विकसित की गई है। उपरोक्त आविष्कार को एक भारतीय पेटेंट आवेदन संख्या 1474/डीईएल/2014 के माध्यम से भी संरक्षित किया गया है।
समझौते के आदान-प्रदान समारोह के दौरान आईआईटी कानपुर के निदेशक प्रो. अभय करंदीकर ने धीरेंद्र सिंह, एयरशेड कंपनी के निदेशक (लाइसेंसधारी) का स्वागत किया। प्रो. करंदीकर ने कहा कि स्वदेशी तकनीकी पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा देने के लिए एमएसएमई क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए संस्थान में ऐसी तकनीकों का विकास किया जा रहा है और आईआईटी कानपुर से निकट भविष्य में इस तरह की और तकनीकें उद्योग भागीदारों को हस्तांतरित की जाएंगी।
एग्रीमेंट एक्सचेंज समारोह में प्रो. तरुण गुप्ता, प्रो. अमिताभ बंद्योपाध्याय, प्रो. एआर हरीश और  रवि पांडे मौजूद रहें। 

RELATED ARTICLES

Most Popular