— अधिवक्ता व मुंशी चला रहे थे गिरोह, वसूलते थे मोटी रकम
कानपुर (हि.स.)।अपराधियों को फर्जी जमानत के जरिए रिहाई कराने वाले गिरोह के पांच शातिरों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पकड़े गए अभियुक्तों में एक अधिवक्ता व दो मुंशी भी शामिल हैं। पिछले कई सालों से यह गिरोह जनपद व आसपास के जिलों में सक्रिय होकर अपराधियों को फर्जी दस्तावेजों पर जमानत दिलवाने का गोरखधंधा कर रहे थे। फर्जी जमानत के बारे में क्राइम ब्रांच को जानकारी मिलने पर इन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। यह लोग अपराधियों को फर्जी जमानत पर छुड़ाकर उनसे मोटी रकम वसूलते थे।
फर्जी जमानतगीर गिरोह में अधिवक्ता व मुंशी भी हैं शामिल
जेल में बंद अपराधियों के लिए फर्जी जमानत के पेपर और जमानतगीर भी तैयार करने वाला यह गैंग पुलिस के हत्थे लगा है। कल्याणपुर थाने की पुलिस ने एक वकील, 02 मुंशी और दो जमानतदार को भी गिरफ्तार किया है। उनके पास से फर्जी कागज, फोटो, आधार कार्ड व कोर्ट से संबंधित पेपर बरामद हुए हैं। पुलिस ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि, अधिवक्ता और उसके साथी जेल में बंद उन अपराधियों की जमानत तैयार करते थे जिनकी जमानत हो जाती थी। लेकिन उनको जमानतगीर नहीं मिलते थे। यह स्थिति हार्डकोर क्रिमिनल के केस या फिर गैर जनपद के बंद कैदियों के सामने आती थी।
पूर्व में 61 अभियुक्तों को भेजा जा चुका हैं जेल
अपर आयुक्त पुलिस आनंद प्रकाश तिवारी ने बताया कि न्यायालय से कई बार फर्जी जमानतदार होने का इनपुट मिल रहा था। इसमें पुलिस काफी दिन से काम कर रही थी क्राइम ब्रांच भी इस पर लगी हुई थी। जनपद के साथ उन्नाव, औरैया जनपद में कई मामले इस प्रकार के आ चुके हैं। पूर्व में भी थाना कोतवाली और बिठूर में रहने वाले 61 लोगों को पुलिस जेल भेज चुकी हैं। वह लोग भी इसी तरीके से फर्जी जमानत पेपर कराकर अपराधियों को छोड़ाने का संगठित अपराध कर रहे थे। अभियुक्तों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करते हुए अग्रिम विधिक कार्यवाही की जा रही है।
इनकी हुई गिरफ्तारी
अपर पुलिस आयुक्त आनंद प्रकाश तिवारी ने बताया कि ग्वालटोली में रहने वाले अधिवक्ता शील कुमार गुप्ता, रायपुरवा निवासी सचिन कुमार सोनकर और कल्याणपुर निवासी संतोष कुमार सिंह को गिरफ्तार किया गया है। इनमें सचिन और संतोष मुंशी का काम करते हैं। इसके अलावा औरैया के वृन्दावन और सुरेन्द्र को भी गिरफ्तार किया गया है।
