लखनऊ (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के पूर्व पुलिस महानिदेशक व भारतीय जनता पार्टी राज्यसभा सांसद बृजलाल ने कांग्रेस पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने मंगलवार को यहां पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा राजस्थान में दलितों के खिलाफ अपराधों में बाढ़ आ गयी है। राहुल गांधी, सोनिया गांधी, प्रियंका वाड्रा और अखिलेश यादव को राजस्थान में हो रहा अपराध नहीं दिख रहा है। उन्हें दलितों का खून खून नहीं लग रहा है। सच तो यह है कि कांग्रेस हमेशा से दलित विरोधी है।
बृजलाल ने कहा कि राजस्थान में दलितों के खिलाफ अपराधों में बाढ़ आ गई है। तीन-चार दिन पहले प्रेमपुरा हनुमानगढ़ में जगदीश मेघवाल अपने घर से निकले तो लोगों ने पीट-पीटकर उनकी हत्या कर दी। हत्या करने का वीडियो बनाया जा रहा था। पानी पिला-पिला कर मारा जा रहा था। जब वह मर गए तो उनकी लाश उनके घर के सामने फेंक दी गई। इसी तरह जालौर जिले में जितेंद्र मामनिया को मुर्गा बनाकर खुलेआम पीटा गया। उन्हें अपमानित किया गया। जाति सूचक शब्द कहे गए। उसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाला गया। आज के दिन एक दलित महिला को सरेआम पीटा जा रहा है। उसका वीडियो बनाया जा रहा है। उसकी चीत्कार कोई सुनने वाला नहीं है।
सांसद बृजलाल ने कहा कि अलवर जिले में 16 वर्षीय दलित बच्ची का सामूहिक बलात्कार किया गया है। मुश्किल से एक महीना हुआ है कि अलवर भैरवा अपने खेत में काम कर रहे थे। मुस्लिम समाज के लोगों ने पीट पीट कर उनकी हत्या इस संदेह में कर दी कि उनका किसी महिला से संबंध है। अलवर जिले में ही योगेश जाटव अपनी मोटरसाइकिल से जा रहे थे। एक महिला को हल्का सा खरोच लग गया। वहां भी मुस्लिम समाज के लोगों ने पीट-पीटकर उन्हें मार डाला। राजस्थान में इस तरह की घटनाएं हो रही हैं लेकिन राहुल गांधी, सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी और अखिलेश यादव हों या फिर नवजोत सिंह सिद्धू को दलित का खून खून नहीं दिखाई दे रहा है। राजनीतिक पर्यटन करने वाले लोग लखीमपुर खीरी में तो पहुंचते हैं लेकिन वहां नहीं जा सकते। राजस्थान में जो हो रहा है उस पर किसी की नजर नहीं जा रही है। कांग्रेस शासित राज्यों में कोई नहीं जाएगा।
बृजलाल ने कहा कांग्रेस हमेशा से दलित विरोधी रही है। दलितों ने जिसे अपना मसीहा माना ऐसे महापुरुष अंबेडकर का कांग्रेस ने अपमान किया। कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटाने से पहले पंजाब से ही तमाम दलित लोग बसाये गए थे। जब तक 370 हटा नहीं है, तब तक उन्हें न तो वहां आरक्षण मिला, न ही उन्हें नौकरियां दी गईं। दलित समाज का बच्चा कश्मीर में अफसर नहीं हो सकता था। कश्मीर में वह केवल सफाई कर्मचारी बन सकता था। यह मानव अधिकारों का हनन था। अनुच्छेद 370 हटने के बाद दलित बच्चों को यह अधिकार मिला है। पूर्व डीजीपी ने कांग्रेस शासित प्रदेशों में पिछले सालों में हुई अपराधिक घटनाओं का भी उल्लेख किया।
