चंडीगढ़ (हि.स.)। पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष पद से नवजोत सिंह सिद्धू के त्यागपत्र देने के बाद पैदा हुआ पंजाब कांग्रेस का संकट अब भी बरकरार है। नवजोत सिद्धू को मनाने के लिए राज्य के मंत्री प्रगट सिंह, राजा वडिंग, निर्मल शुतरातना और कुलबीर जीरा पटियाला पुहंचे हैं। सभी नेताओं ने बंद कमरे में सिद्धू से लम्बी बात की है। सिद्धू से बात करने के बाद राज्यमंत्री वडिंग ने पत्रकारों से कहा है कि इस मामले को हल कर लिया जाएगा।
सिद्धू के पटियाला में यादविन्द्र एन्कलेव निवास पर नेताओं का जमघट लगा हुआ था। खास नेताओं में विधायक और पंजाब कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष कुलजीत नागरा, इस्तीफा देने वाली मंत्री रजिया सुलताना, विधायक इन्द्रजीत बुलारिया, कुलविन्द्र डेनी शामिल थे। सभी ने सिद्धू को अपने इस्तीफे के फैसले पर एक बार फिर से विचार करने को कहा है। हालांकि सिद्धू अपनी बातों पर अड़े रहे।
इस बीच कैबिनेट मंत्री तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा ने कहा है कि कल तक मामला सुलझ जाएगा। उन्होंने कहा कि नवजोत सिद्धू हमारे प्रधान हैं और उनकी हाईकमान के साथ बात चल रही है और मामला कल तक सुलझा लिया जाएगा।
पंजाब कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने सिद्धू के इस्तीफे पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा है कि सिद्धू राजनीति को क्रिकेट की पिच न समझें। यहां पर विश्वसनियता बड़ी चीज है। उन्होंने आगे कहा कि इस्तीफे के इस मामले से पार्टी हाई कमान के भरोसे को ठेस पहुंची है। उन्होंने कहा कि सिद्धू चाहे खुद को जितना मर्जी बड़ा दिखा लें लेकिन इस धोखे को वाजिब नहीं ठहराया जा सकता।
