Wednesday, April 1, 2026
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 कांग्रेस के महाधिवेशन में आदिवासियों के लिए सेना में अलग रेजीमेंट की मांग

– जनगणना में सातवें धर्म के रूप में आदिवासियों को जोड़ा जाए

रायपुर (हि.स.)। कांग्रेस के 85वें राष्ट्रीय महाधिवेशन के तीसरे और अंतिम दिन रविवार को कांग्रेस के अनुसूचित जनजाति विभाग के अध्यक्ष शिवाजी राव मोघे ने आदिवासियों के लिए सेना में अलग रेजीमेंट का गठन किये जाने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि आदिवासियों की संख्या बढ़ी है, ऐसे में उनका आरक्षण और बजट में अलग से फंड भी होना चाहिए।

शिवाजी राव मोघे ने कहा कि भाजपा और आरएसएस के लोगों का आदिवासियों को वनवासी और गिरिजन कहना किसी गाली की तरह लगता है। आदिवासियों को वनवासी बोलना बिल्कुल गलत है। राहुल गांधी के नेतृत्व में आदिवासी पूरे देश में कांग्रेस के साथ जुड़ेगा। उन्होंने कहा कि भारतीय जनगणना में छह धर्म हैं, लेकिन अब सातवां धर्म आदिवासी लिखा जाना चाहिए।

मल्लिकार्जुन मौजूदा युग के आंबेडकर

कांग्रेस अनुसूचित जनजाति विभाग के अध्यक्ष राजेश लिलोठिया ने अपने संबोधन में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को आज के युग का आंबेडकर बताया। उन्होंने सामाजिक सशक्तीकरण के लिए देश में नेशनल कौंसिल फॉर सोशल जस्टिस बनाये जाने की मांग रखी। उन्होंने पार्टी से आह्वान किया कि लीडरशिप डेवलपमेंट मिशन के तहत आदिवासी, अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक वर्ग के युवाओं को चिह्नित करे और उन्हें जोड़ें।

उन्होंने रोहित वेमुला एक्ट लागू किये जाने की भी मांग रखी। रोहित वेमुला की आत्महत्या के बाद कैंपसों में जातिगत भेदभाव को ख़त्म करने के लिए निर्भया एक्ट की तर्ज पर रोहित एक्ट की मांग की गई थी, ताकि कैंपसों में जातिगत भेदभाव को खत्म करने के लिए एक मज़बूत क़ानून बने।

केशव शर्मा

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