Sunday, April 5, 2026
Homeउत्तर प्रदेशकर्मचारियों की मांग को लेकर उच्चस्तरीय कमेटी गठित करें विभाग: योगी

कर्मचारियों की मांग को लेकर उच्चस्तरीय कमेटी गठित करें विभाग: योगी

-धान खरीद को लेकर मुख्यमंत्री योगी ने दिए सख्त निर्देश

लखनऊ (हि.स.)। मुख्यमंत्री योगी अदित्यनाथ ने सभी विभागों को कर्मचारियों की लंबित मांगों को लेकर उच्चस्तरीय कमेटी गठित कर निपटाने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को टीम-9 के उच्चाधिकारियों के साथ बैठक के दौरान कहा कि राज्य सरकार कर्मचारियों के हित संरक्षण के लिए संकल्पित है। इस दिशा में अनेक प्रयास किये गए हैं। हाल के दिनों में कर्मचारी संगठनों, आशा कार्यकत्रियों, बेसिक शिक्षा विभाग से संबंधित प्रकरणों को लेकर कुछ समूहों द्वारा मांग-प्रदर्शन किया जा रहा है। राज्य सरकार सभी की भावनाओं का पूरा सम्मान करती है। ऐसे में अलग-अलग संगठनों से वार्ता के लिए पृथक-पृथक उच्चस्तरीय कमेटियां गठित कर संवाद किया जाए।

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि अपराधियों-माफियाओं के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करते हुए राज्य सरकार ने वर्षों तक अवैध कब्जे में रही भूमि मुक्त कराई है। इस जमीन पर आवास विहीन लोगों के लिए घर बनाये जाएंगे। समूह ‘ग’ व ‘घ’ के सरकारी कर्मचारियों, अधिवक्तागणों और पत्रकार बन्धुओं के आवास के लिए भी इसका उपयोग किया जा सकता है। आवास विभाग द्वारा इस संबंध में विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर यथाशीघ्र प्रस्तुत किया जाए।

प्रदेश में धान खरीद की प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है। अब तक दो हजार 972 मीट्रिक टन धान की खरीद की जा चुकी है। इस एवज में किसानों को 575 करोड़ रुपये का भुगतान भी हो चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि सभी धान क्रय केंद्रों पर व्यवस्था सुचारु बनी रहे। जिलाधिकारी स्वयं क्रय केंद्रों का निरीक्षण करें। जिलों में नोडल अधिकारी एक्टिव रहें।

मेडिकल आवश्यकताओं के दृष्टिगत ऑक्सीजन उत्पादन में उत्तर प्रदेश आत्मनिर्भर होने की ओर अग्रसर है। कोरोना काल की चुनौतियों के बीच केंद्र व राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से निर्माणाधीन 548 में से 504 ऑक्सीजन प्लान्ट अब तक क्रियाशील हो चुके हैं। शेष प्लांट के स्थापना कार्य को तेजी से पूरा किया जाए।

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि प्रदेश में सड़कों के गड्ढामुक्ति का विशेष अभियान जारी है। इसकी अद्यतन स्थिति की समीक्षा कर रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाए। बजट में प्राविधानित धनराशि का उपयोग समयबद्ध ढंग से किया जाए। निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए। सभी विभाग अपने आय-व्यय का विवरण अपडेट रखें।

RELATED ARTICLES

Most Popular