चित्रकूट (हि.स.)। उत्तर प्रदेश बाल अधिकारी संरक्षण आयोग की सदस्य अनीता अग्रवाल ने लोक निर्माण विभाग निरीक्षण गृह में बाल संरक्षण से संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक की। इसके बाद प्रेसवार्ता में कहा कि बाल संरक्षण गृह में 12 बच्चे ऐसे मिले हैं, जिन पर केस कम हैं। बाल संरक्षण अधिकारी गृह किशोर को निर्देश दिये कि अभिभावक से सम्पर्क कर बच्चों को रिहा करायें।
बुधवार को बाल संरक्षण आयोग की सदस्य श्रीमती अनीता अग्रवाल ने जिला अस्पताल के पीडियाट्रिक वार्ड, पोषण पुर्नवास केन्द्र, राजकीय सम्प्रेक्षण गृह, कस्तूरबा गांधी विद्यालय शिवरामपुर व वन स्टाफ सेंटर का औचक निरीक्षण किया। उन्हें जिला अस्पताल में साफ-सफाई अच्छी मिली। कस्तूरबा गांधी में बच्चों से पठन-पाठन, खान-पान, ठहरने की जानकारी ली। बीएसए को निर्देश दिये कि बच्चों को कोई समस्या न हो। आश्रम पद्धति व कस्तूरबा गांधी विद्यालय में दाखिला कराकर बच्चों को शिक्षा ग्रहण कराई जाये।
कहा कि अनाथ बच्चों के भी पढ़ने-लिखने की व्यवस्था कराई जा रही है। अधिकारियों के साथ बैठक कर बच्चों के संरक्षण के बारे में जानकारी कर पूछा, कितने विद्यालय संचालित हैं। श्रम विभाग में कितने बच्चे पंजीकृत हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार में जिले में काफी विकास कार्य हुए हैं। बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस-वे, सड़कों के निर्माण, हर घर को नल, पर्यटन विकास आदि हुए हैं।
इस मौके पर जिला प्रोवेशन अधिकारी रामबाबू विश्वकर्मा, डीपीआरओ, मनोज कुमार, सीओ मऊ सुबोध गौतम, श्रम प्रवर्तन अधिकारी दुष्यंत कुमार, बीएसए राजीव रंजन मिश्र, जिला सूचना अधिकारी सुरेन्द्र कुमार, महिला कल्याण की मीनू सिंह आदि मौजूद रहे।
रतन
