देवरिया(हि.स.)। विश्व गौरैया दिवस पर अर्चना फाउंडेशन के बैनर तले एनसीसी कैडेट्स ने पेंटिंग बनाई। इस मौके पर एनसीसी के 24 कैडेट्स को लकड़ी के बनाए गए गौरैया के घर प्रदान किए गए।
इस दौरान बटालियन के कमान अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल ए.के. सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि गौरैया हमारे पर्यावरण का बहुत ही महत्वपूर्ण पक्षी है। जिसका पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में अहम योगदान है। किंतु पिछले दशक में इसकी संख्या में काफी कमी देखी गई है। घरों में व छत की मुंडेर पर नजर आने वाली गौरैया अब नहीं दिखाई देती है जो कि चिंता का विषय है। यह हम मनुष्यों की पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के प्रति लापरवाही को दर्शाता है जो कि सही नहीं है।
उन्होंने कहा कि कभी हम अपने घरों में चिड़ियों की चहचहाहट सुन कर जागते थे आज हमें मोबाइल अलार्म लगाना पड़ता है। जबकि चिड़ियों की चहचहाहट का संगीत सुनकर जो ऊर्जा हमें प्राप्त होती थी वह हमारे लिए काफी सकारात्मक होती थी तथा मानसिक शांति प्रदान करती थी। आज हमें आवश्यकता है पर्यावरण के महत्वपूर्ण घरेलू पक्षी गौरैया जो कि मानव की सबसे करीबी दोस्त है, को सहेजने की व इनके वंश के संवर्धन की। आसपास के वायु मंडल को हरा भरा करने की एवं तापमान को कम करने की क्योंकि गौरैया अत्यधिक तापमान नहीं सहन कर सकती, इसी वजह से वे घर आंगन से दूर होती जा रही है।
अर्चना फाउंडेशन के हिमांशु कुमार सिंह ने बताया कि वह पिछले 7 वर्ष से गौरैया के संरक्षण व संवर्धन के अभियान को आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने बताया कि कैसे वो लोगों से गर्मियों में इस घरेलू पक्षी के लिए घर की छतों पर थोड़ा सा दाना, पानी रखने का आग्रह करते हैं।
इस दौरान पोस्टर प्रतियोगिता में बढ़िया पोस्टर बनाने वाले एनसीसी कैडेट्स को पुरस्कार स्वरूप ट्राफी देकर सम्मानित किया गया। प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने वाले सभी 24 कैडेट्स को लकड़ी के बनाए गए गौरैया के घर प्रदान किए गए।
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