वीआरएस हुआ स्वीकार, भाजपाई बनकर पैतृक गांव कन्नौज जाएंगे असीम अरुण
कानपुर (हि.स.)। कानपुर के पहले पुलिस कमिश्नर रहे असीम अरुण भाजपा के सदस्य बन चुके हैं। इसके बाद से कयास लगाया जा रहा था कि वह आखिरकार किस सीट से विधानसभा चुनाव लड़ेगे। इन कयासों पर शनिवार को असीम अरुण द्वारा सोशल मीडिया में पोस्ट किया गया पत्र काफी हद तक विराम लगा रहा है। पोस्ट के अनुसार असीम अरुण कन्नौज सदर सीट से चुनाव लड़ सकते हैं। हालांकि अभी भाजपा की तरफ से अधिकारिक पुष्टि नहीं हैं, लेकिन असीम अरुण ने जता दिया है कि वह राजनीति किस सीट से करेंगे।
कानपुर के पहले पुलिस कमिश्नर रह चुके असीम अरुण ने आठ जनवरी को पहली पोस्ट डालकर लोगों को हैरान कर दिया था। उस पोस्ट में उन्होंने साफ किया था कि अब वह भाजपा में जा रहे हैं और स्वैच्छिक सेवानिवृत्त के लिए आवेदन कर दिया है। आवेदन स्वीकार होने व भाजपा में जाने के बाद वर्दी पहनकर लोगों को संबोधित किया था जिसका वीडियो वायरल हो गया और चर्चा होने लगी कि जब वीआरएस स्वीकार हो गया तो वर्दी पहनकर संबोधित नहीं किया जा सकता। इसके बाद से कयास लगाया जा रहा था कि कानपुर की सीसामऊ सीट से विधानसभा का चुनाव लड़ सकते हैं। कुछ लोग यह भी कयास लगा रहे थे कि असीम अरुण अपने पैतृक गांव की कन्नौज सदर सीट से चुनाव लड़ेगें। यह तो सुनिश्चित है कि वह विधानसभा चुनाव लड़ेंगे तभी वीआरएस लिया है। लेकिन शनिवार को एक और पोस्ट उन्होंने सोशल मीडिया में डाला जिससे काफी हद तक साफ हो गया कि असीम अरुण सुरक्षित सीट कन्नौज सदर से चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने पोस्ट में लिखा कि यह दिव्य संयोग है कि आज जब सूर्य देव एक राशि से दूसरी में संक्रान्ति कर रहें, तो उसी समय उनका यह अरुण भी सरकारी सेवा से लोक सेवा की ओर कदम बढ़ा रहा है। लेकिन लोक सेवा का कार्य बहुत कठिन होता है फिर भी मैं प्रयास करुंगा कि अपने गृह जनपद कन्नौज के लोगों के उम्मीदों पर खरा उतर सकूं। मुझे पूरा विश्वास है कि कन्नौज से निकले कर्मठ व्यवसायी, शिक्षाविद, सरकारी सेवारत, आदि लोग कुछ समय और कुछ संसाधन देंगे तो विकास और सौहार्द के नए पायदान पर हम होंगे, क्योंकि नई राह पर मेरी पत्नी ज्योत्स्ना, पुत्र अभिजात और अमन तथा खैरनगर (कन्नौज) स्थित पूरा परिवार मेरे साथ है। मुझे विश्वास है कि नया सफर आनंददायी होगा।
अजय
