कनेक्टिंग फ्लाइट से मिलेगी विदेशी पर्यटकों को सहूलियत
-कुशीनगर- कोलकाता उड़ान सेवा से बढ़ेगा पर्यटन
कुशीनगर(हि. स.)। बुद्ध की महापरिनिर्वाण स्थली कुशीनगर आने की इच्छा रखने वाले बौद्ध देशों के पर्यटकों को 27 मार्च से शुरू हुई कुशीनगर- कोलकाता नियमित उड़ान सेवा से काफी सहूलियत मिलेगी। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई) के इस कदम से कुशीनगर का पर्यटन कारोबार बढ़ेगा। पर्यटकों की आने की कवायद से पर्यटन कारोबारियों में हर्ष है। बौद्ध भिक्षु, गाइड, होटल्स व रेस्टोरेंट,आर्ट एन्ड क्राफ्ट के कारोबारी उत्साह में हैं।
दरअसल बौद्ध सर्किट के प्रमुख तीर्थस्थलों के दर्शन, पूजन,अर्चन के लिए थाईलैंड, वियतनाम, लाओस, म्यांमार व श्रीलंका के पर्यटक जल मार्ग व वायुमार्ग से कोलकाता आते हैं। पुनः ट्रेन या बस से कुशीनगर आते हैं। कोलकाता से सीधे कुशीनगर की उड़ान सेवा शुरू हो जाने से अब यहां आने की इच्छा रखने वाले पर्यटकों के लिए यह उड़ान सेवा समय व पैसे की बचत करने वाली साबित होगी। यहां दर्शन, पूजन,अर्चन करने के बाद पर्यटक बुद्ध की जन्मस्थली लुम्बनी (नेपाल), ननिहाल कपिलवस्तु व आस पास के अन्य स्थलों का भी भ्रमण कर सकेंगे। यूं तो बौद्ध सर्किट का पर्यटन सीजन अक्टूबर से मार्च तक का है। किंतु कोविड-19 के चलते दो वर्ष से ठप पड़े पर्यटन और अब अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों पर प्रतिबंध पूरी तरह समाप्त हो जाने के बाद पर्यटकों के आगमन को लेकर पर्यटन कर्मी आशान्वित हैं। रविवार को वियतनाम से चार्टर प्लेन से पर्यटकों के आने व मंगलवार देर शाम को बौद्ध व यूरोपियन देशों के पर्यटकों के मिले जुले दल के कुशीनगर पहुंचने को संकेत के रुप में देखा जा रहा है। बौद्ध सर्किट में आने वाले पर्यटकों में सर्वाधिक भागीदारी थाईलैंड के पर्यटकों की ही है।
ट्रैवेल एजेंसियां सक्रिय: ग्रीष्म काल में विदेशी पर्यटकों की बुकिंग के लिए टूर ट्रैवेल एजेंसियां सक्रिय हो गई हैं। परिणाम भी आ रहे हैं। पर्यटकों में रुचि जग रही है। किंतु यह सीजन वर्ष की तरह नही होगा। पंकज कुमार सिंह, महाप्रबंधक रॉयल रेजीडेंसी होटल्स ग्रुप
बौद्ध मॉनेस्ट्री में हलचल बढ़ी:बौद्ध मॉनेस्ट्री में हलचल बढ़ी है। पर्यटकों के आगमन के मद्देनजर परिसर व आवास की साफ सफाई और अन्य व्यवस्थाएं दुरुस्त की जा रही हैं। पर्यटक आगमन के लिए सम्पर्क साध रहे हैं।
गोपाल
