लखनऊ(हि.स.)। उत्तर प्रदेश में कार्यरत सैकड़ों शिक्षामित्रों ने कड़ाके की सर्दी के बीच सैकड़ों की संख्या में लखनऊ के इको गार्डेन में पहुंच कर शिक्षामित्र स्वाभिमान बचाओ रैली में भाग लिया।
रैली में भाग लेने आए शिवनाथ पाठक ने कहा कि उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आये शिक्षा मित्रों की यही राय है कि 2023 के जनवरी में शुरू हुए इस रैली को अंजाम तक पहुंचाया जाए। शिक्षा मित्र भी शिक्षा प्रणाली का हिस्सा है, उन्हें मजबूत स्थिति में लाने के लिए पहले की तरह स्थायी शिक्षक बनाया जाए।
उन्होंने अपने साथियों के साथ कहा कि पीएम ने एकबार शिक्षा मित्रों का ख्याल रखने की बात कही थी। अभी तक ख्याल जैसा कुछ खास दिखा नहीं। यूपी में वेतन वृद्धि, समान वेतन, नियमित किए जाने जैसे मामलों में कुछ खास होता दिखा नहीं है। उनकी मुख्य मांग है कि सीधी तौर पर उन्हें शिक्षक की उपाधि दी जाए। वे भी समाज में शिक्षक कहलाने की स्थिति में आ सके।
रैली में जुटे विभिन्न वक्ताओं ने अपनी बातों को रखते हुए नियमितीकरण के मांग को दोहराया और कहा कि शिक्षामित्र भी शिक्षक कहलाने का अधिकार रखते हैं। वर्तमान परिवेश में हम शिक्षा क्षेत्र के महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।
शरद
