दस दिन की होगी कार्यशाला, शाम 4 से 5 बजे तक चलेगी
लखनऊ (हि.स.)। अंतर-राष्ट्रीय भोजपुरी सेवा न्यास परिवार की बैठक गुप्त नवरात्र की नवमी तिथि को विराम खंड में संपन्न हुई। बैठक में ‘काली बदरिया बरसे अटरिया’ शीर्षक से दस दिवसीय कजरी महोत्सव 25 जुलाई से कराने का निर्णय लिया गया। कार्यशाला शाम चार बजे से पांच बजे तक चलेगी।
बैठक की अध्यक्षता अंतर-राष्ट्रीय भोजपुरी सेवा न्यास के अध्यक्ष परमानंद पांडेय ने की। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि न्यास की संरक्षिका और प्रख्यात लोक गायिका श्रीमती शशिलेखा सिंह की उपस्थिति में कजरी कार्यशाला के आयोजन पर गहन विचार-विमर्श हुआ।
बैठक में निर्णय लिया गया कि दस दिन तक चलने वाली इस अनूठी कार्यशाला पर विविध कजरी गीतों का गायन, वादन और प्रशिक्षण होगा। कार्यशाला में सम्मिलित होने वाले प्रतिभागियों को इस बावत अपने दो फोटो और पता का विवरण देना होगा। बैठक में कजरी प्रतिभाग के लिए प्रतिभागियों से 300 रुपये का सहयोग शुल्क लेने पर भी सहमति बनी।
यह भी कहा गया कि कोरोना संक्रमण से प्रदेश में अगर राहतपूर्ण माहौल रहा तो कार्यशाला में भाग लेने वाले सम्मानित प्रतिभागियों की मंचीय प्रस्तुति भी कराई जाएगी। साथ ही उन्हें प्रमाणपत्र भी दिया जाएगा।
अंतर्राष्ट्रीय भोजपुरी सेवा न्यास के अध्यक्ष परमानंद पांडेय ने बताया कि इस कार्यशाला का उद्देश्य अपनी मिट्टी, अपनी संस्कृति-परंपरा का संरक्षण और संवर्धन है। भोजपुरी भाषा- संस्कृति ,भोजपुरी सभ्यता के उत्थान और भोजपुरी भाषा को सीखने और समझने के उद्देश्य से ही यह कार्यशाला आयोजित की जा रही है। उन्होंने प्रतिभागियों से इस कार्यशाला में बड़ी संख्या में भाग लेने का भी आग्रह किया।
बैठक में न्यास परिवार के डीपी दुबे, दिग्विजय मिश्र , राधेश्याम पांडेय, जेपी सिंह, शाश्वत पाठक, प्रसून पांडेय, दिब्याशु दुबे, गयानाथ यादव, निलेन्द्र त्रिपाठी, विनीत तिवारी, दशरथ महतो, अखिलेश द्विवेदी, पुनीत निगम, उमाकांत, उषाकांत, न्यासी श्रीमती मधु श्रीवास्तव, बंदना तिवारी, श्रीमती कंचन श्रीवास्तव, श्रीमती शैली सिंह की उपस्थिति तो रही ही, कार्यशाला में भाग लेने वाली 20 प्रतिभागी भी मौजूद रहे।
