Wednesday, March 4, 2026
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औरैया : यमुना तट पर यमुना मैया की आरती के उपरांत हुआ दीपोत्सव

– जिलाधिकारी ने यमुना मैया की पूजा अर्चना कर यमुना मैया की आरती के बाद यमुना तट पर दीपोत्सव कार्यक्रम प्रारंभ

औरैया (हि.स.)। आजादी के अमृत महोत्सव के अंतर्गत जिला गंगा सुरक्षा समिति, औरैया व एक विचित्र पहल सेवा समिति द्वारा दीपावली (प्रकाश पर्व) के पावन अवसर पर मंगलवार को देर शाम यमुना तट पर स्थित राम झरोखा में दीपोत्सव कार्यक्रम आयोजित किया।

जिलाधिकारी सुनील कुमार वर्मा ने यमुना मैया की विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर आरती की। इसके बाद यमुना तट पर दीपोत्सव कार्यक्रम प्रारंभ किया। दीपोत्सव कार्यक्रम में वन विभाग के रेंजर मुन्नालाल व विभाग के समस्त कर्मचारी मौजूद रहें। विचित्र पहल सेवा समिति के सदस्यों द्वारा करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र परम तेजस्वी सूर्यपुत्री यमुना मैया से अमन चैन व सुख-समृद्धि के लिए मनोकामना कर धार्मिक आस्था व श्रद्धा का एक-एक दीपक प्रज्वलित कर यमुना मैया के चरणों में समर्पित किया।

समिति के संस्थापक आनन्द नाथ गुप्ता एडवोकेट ने कहा कि लोग दीपावली पर अपने-अपने घरों को रोशनी के दीयों से रोशन कर खुशी का उत्सव मना रहे हैं रहे हैं, जबकि जिला प्रशासन व समिति के सदस्यों द्वारा सत्य के अनूठे पावन स्थल को अपनी आस्था के दीपों द्वारा प्रकाश से परिपूर्ण किया। इसके बाद यमुना तट पर स्थित अंत्येष्टि स्थलों की प्रतिदिन सफाई करने वाले सफाई कर्मी रज्जन बाल्मीकि को दीपावली के पावन अवसर पर अंग वस्त्र, मिष्ठान व धनराशि भेंट की गई।

दीपोत्सव कार्यक्रम में प्रमुख रुप से सभासद छैय्या त्रिपाठी, जूनियर शाखा अनमोल के अध्यक्ष गोपाल गुप्ता, सभासद पंकज मिश्रा, अर्पित दुबे एडवोकेट, जयराम सिंह, अभिषेक गोयल आदि सदस्य मौजूद रहें।

पटाखों से करें तौबा

विचित्र पहल सेवा समिति औरैया के संस्थापक आनन्द नाथ गुप्ता एडवोकेट ने बताया कि पराली व पटाखों का धुआं पर्यावरण को बराबर नुकसान पहुंचा रहा है। दीपावली आदि खुशी के अवसरों पर चंद सेकेंड में तेज रोशनी व धमाकों के साथ चलाई जाने वाली आतिशबाजी से निकलने वाले जहरीले धुएं में मौजूद खतरनाक रसायनिक तत्व पर्यावरण प्रदूषित कर मानव शरीर को नुकसान पहुंचा रहे हैं, धुएं में मौजूद कैडमियम फेफड़ों में ऑक्सीजन की मात्रा को कम करता है।

जबकि सल्फर, कॉपर, बेरियम, लेड, अल्मुनियम व कार्बन डाइऑक्साइड आदि सीधे फेफड़ों को नुकसान पहुंचाती हैं। कोरोना काल में सांस की तकलीफ वालों को ज्यादा प्रभावित किया है, इसलिए पटाखों का धुआं स्वसन तंत्र को संक्रमित कर करोना को बढ़ावा दे रहा है, उन्होंने लोगों से इस बार पटाखे न चलाने की अपील की हैं।

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