– मुख्य अतिथि कृषि राज्यमंत्री ने किया शुभारम्भ
औरैया (हि.स.)। गणतंत्र दिवस की संध्या पर कस्बे के कटरा मनेपुर स्थित राधा कृष्ण महाविद्यालय में कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसमें कवियो की काव्यपाठ से रातभर तालियों से सभागार गूजता रहा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कृषि राज्यमंत्री लाखन सिंह राजपूत ने मां सरस्वती के चित्र पर फूल माला पहनाकर दीप प्रज्जलित कर कार्यक्रम का शुम्भारम्भ किया।
श्री राधा कृष्ण इंटर कालेज कटरा के प्रधानाचार्य सुधीर त्रिपाठी ने राज्यमंत्री को राधा कृण्ण की स्मृति चिन्हें भेंट किया गया। महाविधालय सभागार में कवि सम्मेलन का उदधाटन करतें हुए कृषि राज्य मंत्री लाखन सिंह राजपूत ने कहाकि कवि अपनी कविता के माध्यम से समाज को नई दिशा देता है। समाज के उत्थान मे इनका अभूतपूर्ण योगदान है। कवि सम्मेलन का आगाज मॉ सरस्वती वन्दना से किया गया।
औरैया से पधारे कवि गोपाल पाण्डेय ने काव्यपाठ के दौरान कहा कि, देश के लिए विजय निशानी छोड़कर आए, शल्रु का वक्ष्य स्वयं रक्त से निचोड़कर आए, मर मिटे देश पर तो कोई गम नहीं, वतन के खातिर तिरगां ओढ़कर आए। कवि नितिश मिश्रा ने कहा कि रेगिस्तान में चढ़ते सूरज की गर्मी जब तुम्हे तपाती है, बर्फ की शीतल चादर जब तुम्हे कपाती है, कवि गिरीश कुमार दुवे ने अपनी कविता में कहा कि कटरा विद्यालच हमारी संस्कृति भारत, हमारी शान भारत है, जहां हिन्दू ये हिन्दी और हिन्दुस्तान भारत है।
कवि प्रशान्त अवस्थी ने कहा कि नये सपने सजाओं तुम सफलता के किनारे तुम, सदा महको गुलावो से गगन के हो सितारे तुम। कवि अफजल ने कहा कि बुलन्दी पर पहुचकर भूलना मत, सिंकदर भी जमी में सो रहा है। कवि अयाज अहमद ने कहा कि, ऐ मेरे प्यारे बतन ऐ मेरे प्यारे वतन, हम परिन्दे है तेरे तू है हमारा गुलशन। कवित्री गीता चतुर्वदी ने कहा कि शंकर शंकर हे शिव शंकर हे अभयंकर हे शुभकारी आदि अनादि अनंत अगोंचर अंतर्यामि हरे उपकारी, कवित्री प्रतीक्षा चौधरी ने कहा कि हमारे भारत के सैनिक तुम्हे है सौ सौ बार प्रणाम। कवि शिव गोपाल अवस्थी ने कहा कि शहीदों की शहादत को नमन सौ वार करता है।
कवि सुनील कुमार अवस्थी उर्फ ऋषि ने कहाकि दुनिया की इस भीड़ में तुम खुद को आग बनाकर देखो। कवि डा० गोविन्द द्विवेदी ने कहा कि, घिर रहा चहुदिश अंधेरा खो रहा स्वार्णिम सबेरा गहन टम को बेध दे। कवि राईस बशर ने कहा कि यू ही निकल न जायें मिरा दम जिरे बगैर,कवि अतीक कमर ने कहा कि जो चली आये तेरे विन वाहे खुशी क्या चीज है इसके अलावा आये हुए कवियों की काव्य रचना पर स्रोताओं की तालियों से रातभर सभागार गूंजता रहा। कार्यक्रम आयोजक सुधीर त्रिपाठी, अनुज अग्निहोत्री कवियों को शाल उड़ाकर सम्मानिन किया।
Submitted By: Edited By: Mohit Verma
