– धार्मिक पर्वों पर जन सुविधा के लिए प्राचीन विश्रांत के जीर्णोद्धार या नये बरामदे के निर्माण की उठी मांग
औरैया(हि.स.)। एक विचित्र पहल सेवा समिति रजि. औरैया द्वारा स्वच्छता अभियान व यमुना तट के सौंदर्यीकरण के लिए बीते 7 वर्षों से अनवरत अंत्येष्टि स्थलों पर सफाई अभियान चलाया जा रहा है।
इसी क्रम में रविवार को अंत्येष्टि स्थलों पर 130वें चरण का सफाई अभियान चलाया गया। समिति के सदस्यों ने सफाई यंत्रों के सहयोग से लगभग दो कुंतल कचरा व अपशिष्ट एकत्रित कर नष्ट किया। उसके उपरांत यमुना तट पर स्थित विश्रांत पर आवश्यक बैठक का आयोजन किया। समिति के संस्थापक आनन्द नाथ गुप्ता एडवोकेट ने बताया कि यमुना तट पर स्थित प्राचीन विश्रांत काफी क्षतिग्रस्त होकर खंडहर में तब्दील हो चुकी है।
विगत वर्षों में विश्रांत के निकट यमुना नदी में स्नान करने गए कई लोग काल के गाल में समा गए, जबकि शहर व ग्रामीण क्षेत्रों के काफी लोग अपनी आस्था के चलते कई धार्मिक पर्वों पर आस्था की डुबकी लगाने यमुना तट पर आते हैं।
क्षतिग्रस्त विश्रांत पर स्नान के उपरांत महिलाओं को वस्त्र बदलने हेतु सुरक्षित स्थान नहीं है। समिति के सदस्यों ने क्षेत्रीय सांसद/विधायक व जिला प्रशासन से जनहित में यमुना तट पर विश्रांत के समीप शेड युक्त पर एक बड़ा बरामदा निर्माण कराने की मांग की है। जिससे धार्मिक पर्वों पर स्नान करने वाले श्रद्धालुओं को सहूलियत मिलेगी।
बैठक के उपरांत समिति के सदस्यों ने यमुना तट पर स्थित गंदगी से सराबोर स्नान कुंड की भी सफाई की, जहां अंत्येष्टि के उपरांत लोग स्नान व दिवंगत व्यक्ति को श्रद्धा सुमन के साथ तिलांजलि अर्पित करते हैं।
अभियान व बैठक में प्रमुख रूप से होम्योपैथी विशेषज्ञ डॉ. ओमवीर सिंह, बैंक द्वारा सेवानिवृत्त अधिकारी शेखर गुप्ता, तेज बहादुर वर्मा, राकेश गुप्ता, व्यापारी नेता नीरज पोरवाल, सभासद छैया त्रिपाठी, रानू पोरवाल, मनीष पुरवार (हीरू), डॉ.मिथुन मिश्रा, रमेश प्रजापति (हेलमेट बाबा), रज्जन बाल्मीक आदि यमुना मैया के सेवादार मौजूद रहे।
सुनील
