नई दिल्ली(हि.स)। अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर सरकार को झटका लगने वाली खबर है। देश के औद्योगिक उत्पादन (आईआईपी) की दर जुलाई के दौरान 2.4 फीसदी हो गई है, जबकि पिछले जून माह में यह 12.3 फीसदी थी। यानी एक माह के भीतर औद्योगिक उत्पादन की दर में 9.9 फीसदी की गिरावट दर्ज हुई है।
राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) ने सोमवार को जारी आंकड़ों में बताया कि देश का औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) जुलाई महीने में 2.4 फीसदी रहा है, जबकि एक साल पहले जुलाई, 2021 के दौरान आईआईपी में 11.5 फीसदी की बढ़ोतरी हुई थी।
औद्योगिक उत्पादन सूचकांक के आंकड़ों के मुताबिक जुलाई महीने में विनिर्माण क्षेत्र का उत्पादन 3.2 फीसदी बढ़ा है। खनन उत्पादन में जुलाई महीने के दौरान 3.3 फीसदी की गिरावट दर्ज हुई है, जबकि बिजली उत्पादन में 2.3 फीसदी की वृद्धि हुई है।
अप्रैल, 2020 में कोरोना महामारी के कारण देशव्यापी लॉकडाउन लागू होने की वजह से औद्योगिक उत्पादन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा था, जिससे इसमें 57.3 फीसदी की गिरावट आई थी। आईआईपी के आधार पर मापा जाने वाला कारखानों का उत्पादन पिछले माह जून में 12.3 फीसदी रहा था।
प्रजेश/सुनीत
