लखनऊ(हि.स.)। भाकपा (माले) ने बेमौसम की बरसात व ओलावृष्टि से फसल को हुए नुकसान का किसानों को मुआवजा देने की मांग की है।
पार्टी ने कहा है कि कई जिलों में कृषि को हुई व्यापक क्षति के चलते किसान आत्महत्या कर रहे हैं और सरकारी राहत जमीन पर उतारने के बजाय अभी फाइलों में ही कैद है।
राज्य सचिव सुधाकर यादव ने मंगलवार को यहां जारी बयान में कहा कि फसल की बर्बादी पर सदमे में आकर शाहजहांपुर में एक किसान (महानंद कुशवाहा) ने आत्महत्या कर ली। उन पर बैंक का भी कर्ज था।
माले नेता ने कहा कि प्रभावित जिलों में किसानों को मुआवजा देने के अलावा उन पर सभी तरह के कर, कर्जे व अन्य देनदारियों को भी माफ किया जाए।
खबरों के अनुसार, अभी तक प्रदेश के सात जिले बारिश व ओलावृष्टि से सर्वाधिक प्रभावित हैं और यह संख्या बढ़ने की संभावना है, क्योंकि मौसम विभाग ने प्रतिकूल मौसम के दो दिन और जारी रहने की भविष्यवाणी की है। तिलहन, दलहन आम व सब्जी उत्पादक किसानों को भारी नुकसान हुआ है।
दीपक
