-योगी का आह्वान, खिलाड़ी ही तय करें प्रदेश की खेल विकास योजना का स्वरूप
-टोक्यो ओलंपिक में प्रतिभाग करने जा रहे खिलाड़ियों से संवाद कर मुख्यमंत्री ने दी शुभकामनाएं
-ओलंपिक प्रतिभागियों के परिजनों को लखनऊ आमंत्रित कर मुख्यमंत्री करेंगे सम्मान
-एशियाई खेल, कॉमनवेल्थ और ओलंपिक की तैयारी के लिए यूपी में बनेगी खास नीति
लखनऊ(हि.स.)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश में खेल सुविधाओं के विस्तार के लिए खिलाड़ियों और एथलीटों से सुझाव देने का आह्वान किया है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि उत्तर प्रदेश में एशियन खेल, राष्ट्रमंडल खेल और ओलंपिक जैसी प्रतिस्पर्धाओं की तैयारी के लिए खिलाड़ियों को जो भी सुविधाएं चाहिए, वह दी जाएंगी। इस बारे में खिलाड़ी व एथलीट ही प्रदेश के खेल विभाग के साथ मिलकर नीति तैयार करेंगे।
टोक्यो ओलंपिक में प्रतिभाग करने जा रहे उप्र के निवासी सभी 10 खिलाड़ियों व एथलीटों से बुधवार को संवाद करते हुए मुख्यमंत्री योगी ने सभी को शुभकामनाएं दीं और विश्वास जताया कि इस बार टोक्यो से अच्छी खबर आएगी। शुभकामनाओं के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए खिलाड़ियों ने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए प्रतिबद्धता जताई।
वर्चुअल माध्यम से हुए इस संवाद में मुख्यमंत्री योगी ने एक-एक कर सभी 10 प्रतिभागियों से कोरोना महामारी की विपरीत परिस्थितियों में भी जारी ओलंपिक के लिए उनकी तैयारियों के बारे जानकारी ली और उनके हौसलों को सराहा। वहीं, प्रदेश सरकार से खिलाड़ियों की अपेक्षा के बारे में पूछने पर खिलाड़ियों ने ओलंपिक जैसी वैश्विक स्पर्धाओं की तैयारी के लिए और बेहतर प्रबंध की जरूरत बताई।
मुख्यमंत्री योगी ने सभी को आश्वस्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में केंद्र व राज्य सरकार खेल और खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। गांवों में खेल को लेकर माहौल बने, इसके लिए प्रदेश के सभी गांवों में खेल मैदान और ओपन जिम तैयार कराए जा रहे हैं। युवक मंगल दलों का गठन हो रहा है तो युवा प्रतिभाओं को स्पोर्ट किट उपलब्ध कराए जा रहे हैं। यही नहीं, मेरठ में अब खेल विश्वविद्यालय की स्थापना की जा रही है। यह विश्वविद्यालय प्रदेश में खेल और खिलाड़ियों के विकास के लिए एक बड़े केंद्र के रूप में उभर कर आएगा।
योगी ने कहा कि सभी प्रतिभागी ओलंपिक से पदक ले कर आएं, फिर प्रदेश में वैश्विक मानकों पर खेल सुविधाओं के विकास के लिए अपनी कार्य योजना बताएं। इन सुझावों के आधार पर सरकार सभी आवश्यक प्रबंध करेगी। संवाद के दौरान मौजूद खिलाड़ियों के अभिभावकों को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बहुत जल्द सभी खिलाड़ियों के परिवारीजनों को लखनऊ आमंत्रित कर सम्मानित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार टोक्यो ओलंपिक के दौरान एकल प्रतिस्पर्धाओं के स्वर्ण पदक विजेताओं को छह करोड़ रुपये, रजत पदक विजेताओं को चार करोड़ रुपये और कांस्य पदक लाने वाले खिलाड़ियों को दो करोड़ रुपये की सम्मान राशि प्रदान करेगी। इसी तरह, समूह खेलों में स्वर्ण पदक पर तीन करोड़ रुपये, रजत पदक पर दो करोड़ और कांस्य पदक पर एक करोड़ रुपये की राशि से सम्मानित किया जाएगा। यही नहीं, ओलंपिक में प्रतिभाग कर रहे यूपी निवासी सभी खिलाड़ियों को 10-10 लाख रुपये भी प्रदान किए जाएंगे।
ओलंपिक से लौट कर आएं फिर बनवाएं विश्वस्तरीय शूटिंग रेंज
मुख्यमंत्री से संवाद कार्यक्रम में शूटर मेराज अहमद खान ने प्रदेश में शूटिंग रेंज की स्थापना की जरूरत बताई, जिस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि वाराणसी और लखनऊ में शूटिंग रेंज की स्थापना हो रही है। वह ओलंपिक से लौट कर आएं और परियोजना को देखकर उसे अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार करने में मदद करें। इसी तरह, एथलीट प्रियंका गोस्वामी द्वारा सिंथेटिक फील्ड के विकास की जरूरत बताने पर मुख्यमंत्री ने शीघ्र ही यह अभाव दूर करने का आश्वासन दिया।
संवाद के दौरान प्रियंका गोस्वामी (एथेलेटिक्स), अन्नू रानी (एथेलेटिक्स), सीमा पुनिया (एथेलेटिक्स), वंदना कटारिया (हॉकी), सौरभ चैधरी (शूटिंग), मेराज अहमद खान (शूटिंग), अरविंद सिंह (रोइंग), सतीश कुमार (बॉक्सिंग) ललित कुमार उपाध्याय (हॉकी) और शिवपाल सिंह (एथेलेटिक्स) और इनके परिजनों की मौजूदगी रही।
इससे पहले प्रदेश के खेल एवं युवा कल्याण मंत्री उपेंद्र तिवारी ने खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए उनकी सभी जरूरतों को पूरा करने का भरोसा जताया।
