टोक्यो (हि.स.)। टोक्यो ओलंपिक में भारतीय हॉकी महिला टीम को ब्रिट्रेन के हाथों 4-1 से हार का सामना करना पड़ा। ये भारतीय महिला टीम की लगातार तीसरी हार है। वह अभी तक एक भी मैच नहीं जीत पाई है। भारतीय टीम को गोल करने के कई मौके मिले लेकिन उन्हे सफलता नहीं मिल सकी। भारतीय टीम की सबसे बड़ी कमजोरी ये रही कि वो पेनाल्टी कॉर्नर को गोल में नही बदल पाई नहीं तो मैच का नतीजा कुछ और ही होता।
भारत के लिए शर्मिला देवी ने गोल का खाता मैच के 23वें में खोला उन्होने ये गोल पेनाल्टी कॉर्नर के जरिए किया।
हैना मार्टिन ने ब्रिट्रेन के लिए 19वें मिनट में गोल करके 2-0 की बढ़त दिला दी।
दो क्वार्टर खत्म होने बाद ब्रिट्रेन 2-1 से आगे चल रहा था। भारत के पास वापसी का मौका पर भारतीय वापसी ना कर सकी। भारतीय डिफेंडर गेंद को सही तरीके से डिफेंड नही कर पाए। ब्रिट्रेन के लिए लिली ने 41वें और बाल्सडॉन ने 57वें मिनट गोल कर ब्रिट्रेन की जीत पर मोहर लगा दी।
ब्रिट्रेन ने 4-1 से भारत पर एकतरफा जीत दर्ज की। भारत के उनके हमले का कोई भी जबाब नहीं था।
भारत को पहले मैच में नीदरलैण्ड ने 5-1 और दूसरे मुकाबले में जर्मनी ने 2-0 से हराया था।
