प्रयागराज (हि.स.)। उत्तर प्रदेश किन्नर वेलफेयर बोर्ड की वरिष्ठ सदस्य, किन्नर अखाड़ा की प्रदेश अध्यक्ष महामंडलेश्वर स्वामी कौशल्यानंद गिरी ने निकाय चुनाव में ट्रिपल सी फार्मूले के तहत ओबीसी को मिलने वाले 27 फीसदी आरक्षण में किन्नरों के लिए भी सीटें तय किए जाने की मांग की है। उन्होंने सवाल भी किया कि हक के लिए कब तक कोर्ट का दरवाजा खटखटाना होगा।
माघ मेला में उन्होंने प्रदेश सरकार और उत्तर प्रदेश राज्य स्थानीय निकाय समर्थित अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग से मांग की है कि जिस तरह से ओबीसी के 27 फीसदी कोटे में महिलाओं के लिए सीटें तय की जाती हैं, उसी तरह से किन्नरों के लिए भी सीटें तय की जानी चाहिए, क्योंकि 2014 में आए नालसा जजमेंट के मुताबिक किन्नरों को ओबीसी कैटेगरी में रखा गया है।
महामंडलेश्वर ने कहा है कि अगर किन्नरों को ओबीसी के 27 फ़ीसदी आरक्षण में सीटें पहले तय कर दी जाएंगी तो किन्नरों का प्रतिनिधित्व न केवल नगर निकायों में होगा बल्कि विधानसभाओं से लेकर संसद में भी उन्हें उनका हक मिलेगा। कौशल्यानंद गिरी ने कहा है कि उन्हें सरकार पर पूरा भरोसा है कि सरकार उनकी मांगों पर जरूर विचार करेगी। संविधान के तहत किन्नरों के लिए भी ओबीसी कोटे में निकाय चुनाव में सीटें मिलेंगी।
विद्या कान्त
