फिरोजाबाद (हि.स.)। नगला खंगर पुलिस टीम ने सोशल मीडिया सेल टीम के सहयोग से तीन दिन से लापता चल रहे चार मासूम बच्चों को सकुशल बरामद कर उनके परिवार के सुपुर्द किया है। लापता बच्चों को पाकर परिजनों के चेहरे पर मुस्कान आई है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आशीष तिवारी ने मंगलवार को जारी अपने बयान में बताया कि नगला फतेह में रहने वाला मजदूर संजू ने आठ जुलाई को अपने चार बच्चों के लापता होने की प्राथमिकी दर्ज करायी है। उसने बताया कि 07 जुलाई को वह अपनी पत्नी के साथ मजदूरी करने गया था। अपने चार बच्चों में बेटा कृपा (12), सागर (08) और बेटी राजनंदनी (05), मंजू (03) को रोजाना की तरह घर छोड़कर गए थे। शाम को जब मजदूरी करके वापस आए तो चारों बच्चे घर पर नहीं मिले। काफी खोजबीन करने के बावजूद बच्चों का कोई भी पता नहीं चल सका। पीड़ित की तहरीर के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर बच्चों की तलाश में आठ टीमें लगाई गई थी। साथ ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बच्चों की पहचान के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार किया गया।
एसएसपी ने बताया कि सोमवार की रात को एक व्यक्ति संजय जो ट्रेन में बैठकर इटावा से दिल्ली जा रहे थे। सफर के दौरान वह अपना मोबाइल देख रहे थे। तभी उन चारों बच्चों को उन्होंने ट्रेन में देखा और सोशल मीडिया में प्रसारित तस्वीरों की मिलान कर उन्होंने फौरन पुलिस को सूचित किया। उन्होंने बताया कि लापता चारों बच्चे ट्रेन में बैठकर दिल्ली की तरफ जा रहे है। ट्रेन अभी फिरोजाबाद स्टेशन से गुजरी है। सूचना पर पुलिस टीम द्वारा तत्काल कार्यवाही करते हुए पहले से टूण्डला स्टेशन पर मौजूद सर्च टीम को अवगत कराते हुए एवं जीआरपी टूण्डला के सहयोग से ट्रेन को टूण्डला स्टेशन पर रोककर चारों बच्चों को सकुशल बरामद कर लिया।
उन्होंने बताया कि पूछताछ के दौरान बच्चों ने बताया कि वह पहले इटावा गये थे, जहां भीख मांगकर अपना पेट भर रहे थे। आज दोबारा ट्रेन में बैठकर दिल्ली की ओर जा रहे थे। पुलिस ने बच्चों को सकुशल उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया। बच्चों को सकुशल पाकर परिजनों ने फिरोजाबाद पुलिस का आभार प्रकट किया।
कौशल/दीपक/मोहित
