नई दिल्ली (हि.स.)। दिल्ली हाई कोर्ट में एक याचिका दायर कर ऑनलाइन गेमिंग को लेकर आईटी रूल्स में किए गए संशोधन की संवैधानिक वैधता को चुनौती दी गई है। चीफ जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की अध्यक्षता वाली बेंच ने सुनवाई करते हुए इस मामले पर एएसजी चेतन शर्मा को कोर्ट की मदद करने को कहा। मामले की अगली सुनवाई 13 जुलाई को होगी।
याचिका एनजीओ सोशल ऑर्गनाइजेशन फॉर क्रिएटिंग ह्युमैनिटी ने दायर की है। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील अक्षत गुप्ता ने कहा कि ऑनलाइन गेमिंग को लेकर आईटी रूल्स में किया गया संशोधन केंद्र की विधायी परिधि से बाहर का है। संविधान की सातवीं अनुसूची की एंट्री 34 में सट्टा पर कानून बनाने का अधिकार राज्य सरकार को दिया गया है।
याचिका में कहा गया है कि केंद्र सरकार की ओर से लाए गए इस संशोधन से ऑनलाइन गेमिंग को रेगुलेट करने वाली एजेंसियों में भ्रम है, क्योंकि अब दो किस्म के कानून सामने हैं। ऑनलाइन गेमिंग पर केंद्र का कानून चलेगा कि राज्य का इसे लेकर भ्रम है। याचिका में कहा गया है कि आईटी एक्ट में कहीं भी ऑनलाइन गेमिंग को परिभाषित नहीं किया गया है। यहां तक कि ऑनलाइन गेमिंग चलाने वाले प्लेटफार्म को मध्यवर्ती भी नहीं बताया गया है।
संजय/सुनीत/दधिबल
