दोनों सेनाओं ने तैनात किये अपने-अपने जहाज एवं विमान
– एनडीआरएफ ने 65 टीमें उपलब्ध कराईं, 20 टीमें रिजर्व
नई दिल्ली (हि.स.)। वायुसेना और नौसेना देश को ऑक्सीजन के संकट से उबारने के साथ ही आने वाले चक्रवात ‘यास’ से मुकाबला करने की भी तैयारियां कर रही हैं। दोनों सेनाओं ने अपने-अपने विमानों और जहाजों के साथ बचाव एवं राहत दलों को भी तैनात किया है। एनडीआरएफ ने 65 टीमें उपलब्ध कराईं हैं और 20 टीमों को रिजर्व में तैयार रखा है जिन्हें वायुसेना ने एयरलिफ्ट करके चक्रवात से प्रभावित होने वाले संभावित तटीय क्षेत्रों में पहुंचा दिया है।
वायुसेना ने पटना और वाराणसी से पांच सी-130 परिवहन विमानों के जरिये एनडीआरएफ के 21 टन राहत एवं बचाव उपकरण कोलकाता के तट पर पहुंचा दिए हैं। इसी तरह 334 एनडीआरएफ कर्मियों को अरक्कोनम (तमिलनाडु)से पोर्ट ब्लेयर तक एयरलिफ्ट किया है। वायुसेना ने चक्रवात ताउते के दौरान 21 मई से अब तक 606 कर्मियों और एनडीआरएफ के 57 टन भार को एयरलिफ्ट किया है। वायुसेना ने एक सी-17, 03 सी-130 और 02 एएन-32 परिवहन विमानों के जरिये जामनगर (गुजरात) से एनडीआरएफ के जवानों और उनके सामान को भुवनेश्वर और कोलकाता तक पहुंचाया है।
इसके अलावा देश को ऑक्सीजन संकट से उबारने के लिए वायुसेना ने 20 मई तक देश-विदेश की 1326 से ज्यादा उड़ानें भरी हैं।
नौसेना ने भी चक्रवात ‘यास’ से मुकाबला करने के लिए अपने तीन जहाजों, बाढ़ राहत, गोताखोरी टीमों को पहले ही तैनात कर दिया है। नौसेना चक्रवाती तूफानों की आवाजाही पर करीब से नजर रखे हुए है। दोनों ही तटों पर मानवीय सहायता और आपदा राहत (एचएडीआर) के लिए चार जहाज गोताखोरी और चिकित्सा टीमों के साथ स्टैंडबाय पर हैं। प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण करने, हताहतों को निकालने और आवश्यकतानुसार राहत सामग्री हवा में गिराने के लिए नौसेना के विमानों को नौसेना वायु स्टेशनों विशाखापत्तनम में आईएनएस देगा और चेन्नई के पास आईएनएस राजाली में तैयार रखा गया है।
