प्रदीप पांडेय
गोंडा।
कोरोना वायरस ने एक बार फिर आहट दी है। विदेशों से आने वाले यात्री संक्रमित मिल रहे हैं। इसके बाद से सरकार और अलर्ट हो गई है। कोरोना से निपटने को लेकर एक बार पुनः स्वास्थ्य विभाग अलर्ट है और गोंडा जिले में इसको लेकर तैयारी तेज है। इसी क्रम में एसीएमओ डा0 टी0पी0 जायसवाल के मौजूदगी में इटियाथोक सीएचसी में 27 दिसम्बर को हुए मॉकड्रिल में स्वास्थ्य सुविधाएं परखी गई। श्री जायसवाल ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्रालय ने देश के सभी राज्यों और जिलों को मॉकड्रिल करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि मॉकड्रिल के जरिए इस बात का आकलन हो पाएगा कि कोरोना की इस लड़ाई में हमारे अस्पताल किस तरह से तैयार हैं। उन्होंने बताया कि इसी को लेकर यहां मॉकड्रिल कर तैयारियों को परखा गया। मौके पर रहे अस्पताल के अधीक्षक डा0 सुनील कुमार पासवान ने बताया कि संभाविक कोरोना महामारी को लेकर स्वास्थ्य सुविधाओं की तैयारी सुनिश्चित करने और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए रिहर्सल हुवा। साथ ही एंबुलेंस, टेस्टिंग उपकरण, आक्सीजन और जरूरी दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की गई। उन्होंने कहा की कोरोना महामारी के दौरान अपने पिछले अनुभव के आधार पर हम लोग कई प्रैक्टिस कर रहे हैं। इस तरह की प्रैक्टिस हमारी तैयारियों को परखने में मदद करेगी और यदि कोई कमी है तो उसे दुरुस्त करने में मदद मिलेगी और हमारी सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। यहां उपस्थित बीपीएम एस0पी0 द्विवेदी ने बताया कि ये मॉकड्रिल स्वास्थ्य सुविधाओं के आंकलन को लेकर हुई है। इसमें ऑक्सीजन सर्पोटेड बेड, डॉक्टर्स, नर्सेज, पैरामेडिकल स्टाफ, आयुष डॉक्टर्स, आशा कार्यकर्ता समेत अन्य फ्रंटलाइन वर्कर्स पर फोकस किया गया। इसके अलावा, कोरोना को लेकर मैनेजमेंट भी मजबूत किया जा रहा है। इसमें प्रोफेशनल और ट्रेंड हेल्थकेयर पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। इस दौरान डाक्टर सुरेश प्रजापति, बीसीपीएम दिनेश कुमार चौरसिया, फ़ा0 राजकुमार गुप्ता व फ़ा0 प्रदीप चौधरी के सहित एल-वन अस्पताल के समस्त स्टाफ मौजूद रहे।
