रायबरेली(हि. स.)। एसडीएम(सदर) के पेशकार को घूस लेते रंगे हाथों एंटी करप्शन टीम ने पकड़ा है।काफ़ी दिनों से चली आ रही इन शिकायतों के बाद लखनऊ की टीम ने शनिवार को यह कार्रवाई की है।इससे हड़कंप मच गया है।हालांकि इस संबंध में प्रशासनिक अधिकारियों ने चुप्पी साध रखी है।
उल्लेखनीय है कि सदर तहसील में भ्रष्टाचार की कई शिकायतें लगातार आ रही थीं और अधिकारी भी इन पर ध्यान नहीं दे रहे थे।बताया जा रहा है कि यहां हर छोटे बड़े काम के रेट तय हैं और निर्धारित रेट देकर ही काम हो रहे थे। बछरावां के चक इसिया निवासी गया प्रसाद का जमीनी विवाद में 151 में चालान किया गया था, जिसका मुकदमा एसडीएम कोर्ट में चल रहा है। पीड़ित ने एसडीएम के पेशकार से मुकदमा खत्म कराने की बात की तो उसने आश्वस्त किया कि खत्म हो जाएगा। बस इसके लिए कुछ रुपये खर्च करने होंगे। इस पर पीड़ित पैसे देने को तैयार हो गया।
गया प्रसाद ने लखनऊ स्थित भ्रष्टाचार निवारण संगठन के मुख्यालय में जाकर लिखित शिकायत दर्ज कराई। पेशकार ने शनिवार को होने वाली पेशी में उसे पैसे लेकर आने को कहा था। इस पर वह एसडीएम कार्यालय पहुंच गया और एंटी करप्शन टीम के अफसर भी वहां मौजूद रहे। पेशकार अमित मौर्य ने जैसे ही उससे तीन हजार लिए, मौके पर ही टीम ने उसे रंगेहाथ पकड़ लिया। टीम उसे लेकर मिल एरिया थाने पहुंची। जहां लिखापढ़ी शुरू कर दी गई है। एंटी करप्शन टीम के सदस्य ने बताया कि गया प्रसाद ने 22 अगस्त को मुख्यालय पहुंचकर लिखित शिकायत की थी कि पेशकार ने तीन हजार रुपये मांगे थे। आज उसे घूस लेते रंगे हाथों पकड़ा गया है।
रजनीश
