-जयपुर से लाकर लखनऊ समेत अन्य शहरों में करते थे सप्लाई
-302 यूनिट ब्लड बैग बरामद
लखनऊ(हि.स.)। अवैध तरीके से मानव रक्त (ब्लड) को निकाल कर उसको सेलाइन वाटर की मिलाकर दुगना कर बेचने वाले गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। एसटीएफ और स्वास्थ्य विभाग की सयुंक्त टीम ने गुरुवार को जयपुर से ब्लड लेकर लखनऊ के दो ब्लड बैंकों में सप्लाई करने पहुंचे तस्करों को पकड़ लिया गया। इनके पास से 302 यूनिट ब्लड बैग दो, 19435 रुपये कैश समेत अन्य चीजें बरामद की है।
पुलिस उपाधीक्षक प्रमेश कुमार शुक्ल ने बताया कि एसटीएफ ने स्वास्थ्य विभाग टीम के साथ ठाकुरगंज स्थित मिड लाइफ चैरिटेबल ब्लड बैंक और नारायणी चैरिटेबल ब्लड बैंक कृष्णानगर में की गई। छापेमारी की कार्रवाई में दोनों ब्लड बैंक से 122 और 118 यूनिट बल्ड बरामद हुआ है। टीम ने दो तस्कर चौक क्षेत्र निवासी असद कुशीनगर निवासी नौशाद अहमद को गिरफ्तार किया है। इसके अलावा ब्लड बैंक के कर्मचारी उन्नाव निवासी रोहित, मिड लाइफ ब्लड बैंक एवं अस्पताल का टेक्नीशियन करन मिश्र, अस्पताल मालिक मो. अम्मार, नारायणी ब्लड बैंक का मालिक अजीत दुबे और टेक्नीशियन संदीप कुमार को गिरफ्तार किया है।
इतना ही नहीं टीम असद और नौशाद अली की स्विफ्ट डिजायर कार से एक गत्ता ब्लड बैग बरामद किया है।
पूछताछ में पता चला है कि अभियुक्त नौशाद ने बताया कि राजस्थान के विभिन्न चैरिटेबिल ट्रस्टों द्वारा संचालित ब्लड बैंकों की ओर से समय—समय ब्लड डोनेशन कैम्प लगाकर ब्लड एकत्र किए जाते हैं। इस दौरान एकत्रित ब्लड बैगों में अधिकांश की एंट्री ब्लड बैंक के अभिलेखों में न कर उन्हें अधिक रुपये में लेकर दूसरे प्रांतों में बेच देते थे। उसे जब इससे मुनाफा हुआ तो अवैध ब्लड की तस्करी के व्यवसाय से जुड़ गया। राजस्थान के, तुलसी ब्लड बैंक जयपुर, ममता ब्लड बैंक चैमू आदि ब्लड बैंकों से सात सौ या आठ सौ रुपये में खरीदकर दो से लगातार लखनऊ,बहराइच, उन्नाव,हरदोई के अलावा आसपास जिलों में सप्लाई करते थे।
एसटीएफ ने अग्रिम कार्रवाई के लिए आरोपितों के खिलाफ ठाकुरगंज थाना पुलिस के सुपुर्द किया है।
दीपक
