Friday, April 10, 2026
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एसटीएफ का भय दिखा लूट खसोट कर रहे क्राइम ब्रांच कर्मी

– कई अपराधियों के परिजनों ने की शिकायत, ऐसे कर्मी जल्द होंगे चिन्हित

कानपुर (हि.स.)। प्रदेश में अपराध को रोकने के लिए पुलिस के अलावा एसटीएफ और क्राइम ब्रांच काम कर रही है, लेकिन कानपुर में क्राइम ब्रांच के कुछ कर्मी अपने कार्य से हटकर इतर काम कर रहे हैं। यह लोग अपने को एसटीएफ का कर्मी बता अपराधियों को पकड़ते हैं और बाद में छोड़ भी देते हैं। ऐसे में पूरी संभावना है कि रुपया लेकर ही छोड़ते होंगे। इसका खुलासा तब हुआ, जब पकड़े गये कई अपराधियों के परिजन एसटीएफ के दफ्तर पहुंचकर अपने व्यक्ति की जानकारी करने लगे। मामले को लेकर पुलिस कमिश्नर ने डीसीपी मुख्यालय को जांच की जिम्मेदारी सौंपी है।

कानपुर क्राइम ब्रांच के कुछ कर्मी अपने को एसटीएफ (स्पेशल टास्क फोर्स) बताकर अपराधियों को पकड़ रहे हैं। इससे अपराधियों में खौफ हो जाता है और परेशान हो जाते हैं। परेशान अपराधियों को अनजान जगह पर रखते हैं और फिर छोड़ देते हैं। इससे पुलिस के अधिकारी संभावना जता रहे हैं कि ऐसे कर्मी अपराधियों से वसूली करते होंगे तभी छोड़ देते हैं। एक दो नहीं, करीब दो दर्जन मामले सामने आए हैं, जिनमें ग्यारह मामलों को एसटीएफ ने चिन्हित कर रिकॉर्ड तैयार किया है। इस रिकाॅर्ड को एसटीएफ ने जांच अधिकारी को सौंप दिया है।

एसटीएफ के सूत्र बताते हैं कि क्राइम ब्रांच के कुछ कर्मी अपराधियों को पकड़ते हैं और अपने को एसटीएफ बताते हैं, क्योंकि अपराधियों पर एसटीएफ का खौफ अधिक होता है। इसके बाद अपराधियों के परिजन दफ्तर आकर संपर्क करते हैं। अब तक जो 11 ऐसे मामले सामने आये हैं उनमें सभी अपराधी एक या दो दिन बाद छोड़ दिये गये हैं। इससे इस बात को पूरी तरह से बल मिलता है कि जो क्राइम ब्रांच के कर्मी इस कार्य में लिप्त हैं, वह अपराधियों से एसटीएफ का भय दिखाकर मोटी रकम वसूलते होंगे। इससे एसटीएफ बदनाम हो रही है।

पुलिस कमिश्नर ने बैठाई जांच

एसटीएफ के अधिकारियों की शिकायत पर पुलिस कमिश्नर विजय सिंह मीना ने जांच बैठा दी है। जांच अधिकारी डीसीपी मुख्यालय संजीव त्यागी को बनाया गया है। शुरुआती जांच में सामने आया कि क्राइम ब्रांच में तैनात रहे दरोगा मोहम्मद आसिफ, हेड कांस्टेबल अमित चौधरी, सिपाही राजीव यादव और सिपाही फिरोज खुद को एसटीएफ का बता दबिश देते रहे हैं। कइयों को एसटीएफ बताकर छोड़ा और उनसे वसूली की। डीसीपी के मुताबिक बर्रा निवासी सफीकुर्रहमान को आसिफ ने गांजा के साथ पकड़ा था। खुद को एसटीएफ में बताया था। बाद में उसको छोड़ दिया था। इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया है। इन चारों पुलिसकर्मियों के खिलाफ प्रारंभिक जांच एसीपी कैंट मृगांक शेखर पाठक को सौंपी गई है। इसके अलावा कुछ समय पहले आर्य नगर से एक बाजपेई नाम का शख्स उठाया गया था। कल्याणपुर में वाहन चोर भी पकड़े गये थे।

ज्वाॅइंट सीपी का कहना

ज्वाॅइंट पुलिस कमिश्नर कानून व्यवस्था आनंद प्रकाश तिवारी ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है। डीसीपी मुख्यालय मामले की जांच में जुटे हुए हैं। जांच में जो पुलिस कर्मी इस तरह के कार्य में संलिप्त होंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

अजय

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