नई दिल्ली (हि.स.)। दिल्ली हाई कोर्ट ने पहलवान विनेश फोगाट और बजरंग पूनिया को एशियन गेम्स के ट्रायल से छूट देने के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए भारतीय कुश्ती संघ की तदर्थ समिति को नोटिस जारी किया है। जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद ने तदर्थ समिति को कल यानी 21 जुलाई को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया।
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि इसमें कोई शक नहीं कि दिनेश फोगाट और बजरंग पूनिया अच्छे खिलाड़ी हैं लेकिन उनको ट्रायल में मिली छूट की वजह बतानी चाहिए। याचिका पहलवान अंतिम पनघल और सुजीत कलकल ने पहलवान विनेश फोगाट और बजरंग पुनिया को एशियन गेम्स के ट्रायल से छूट देने के फैसले को चुनौती दी है।
पहलवान अंतिम पनघल और सुजीत कलकल की ओर से वकील ऋषिकेश बरुआ और अक्षय कुमार ने बुधवार को इस मामले को चीफ जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की अध्यक्षता वाली बेंच के समक्ष मेंशन करते हुए जल्द सुनवाई की मांग की, जिसके बाद कोर्ट ने 20 जुलाई को सुनवाई का आदेश दिया। याचिका में कहा गया है कि इंटरनेशनल ओलंपिक फेडरेशन की तदर्थ समिति ने 65 किलोग्राम पुरुष वर्ग और 53 किलोग्राम महिला वर्ग की प्रतिस्पर्धा के लिए जारी दिशानिर्देश को निरस्त करने की मांग की। इस दिशानिर्देश के तहत बजरंग पूनिया और विनेश फोगाट को एशियन गेम्स के लिए ट्रायल देने से छूट दी गई है।
याचिका में कहा गया है कि ट्रायल निष्पक्ष तरीके से किया जाना चाहिए और इससे किसी को छूट नहीं मिलनी चाहिए। याचिका में पूरे ट्रायल की वीडियोग्राफी की मांग की गई है। याचिका में कहा गया है कि जब बजरंग पूनिया और विनेश फोगाट जंतर-मंतर पर धरने पर बैठे थे तो कह रहे थे कि उनकी लड़ाई न्याय की है और वे जूनियर पहलवानों के लिए लड़ रहे हैं लेकिन अब वे जूनियर पहलवानों से ही उनका हक छीन रहे हैं।
संजय/दधिबल
