Tuesday, March 24, 2026
Homeव्यापारएलआईसी हाउसिंग फाइनेंस ने ब्याज दर में 0.50 फीसदी का किया इजाफा

एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस ने ब्याज दर में 0.50 फीसदी का किया इजाफा

नई दिल्ली(हि.स)। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) के रेपो रेट बढ़ाने का असर दिखने लगा है। देश की प्रमुख आवास वित्त कंपनी एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड (एलआईसी एचएफएल) ने अपनी प्रधान उधारी दर (पीएलआर) में 0.50 फीसदी का इजाफा किया है। इसके बाद एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस का पीएलआर दर 7.50 से बढ़कर 8 फीसदी हो गया है। कंपनी की नई पीएलआर दर सोमवार से लागू हो गई है।

कंपनी ने जारी एक बयान में कहा कि पीएलआर मानक ब्याज दर है, जिससे एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस का आवास ऋण जुड़ा हुआ है। पीएलआर में 0.50 फीसदी का इजाफा किया गया है। इस बढ़ोतरी के साथ एलआईसी के आवास ऋण पर ब्याज दर अब बढ़कर 8 फीसदी हो गई है। इससे पहले आवास ऋण पर ब्याज दर 7.50 फीसदी थी। बैंकों में फिलहाल तीन तरह के बाहरी बेंचमार्क रेट चल रहे हैं, जिनके हिसाब से लोन पर ब्याज दरों को तय किया जाता है।

एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस के प्रबंध निदेशक (एमडी) एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) वाई विश्वनाथ गौड़ ने बताया कि यह बढ़ोतरी रिजर्व बैंक के पांच अगस्त को रेपो दर में 0.50 फीसदी की वृद्धि के बाद की गई है। रेपो दर में बढ़ोतरी से ईएमआई या होम लोन की अवधि में कुछ उतार-चढ़ाव आया है। इसके बावजूद होम लोन की मांग मजबूत रहेगी।

बैंक नियामक आरबीआई ने एक अक्टूबर, 2019 से फ्लोटिंग रेट वाले सभी नए व्यक्तिगत और खुदरा लोन को एक एक्सटर्नल बेंचमार्क (बाहरी बेंचमार्क) से जोड़ना अनिवार्य कर दिया था। बाहरी बेंचमार्क उधार दर किसी कर्ज पर ब्याज की न्यूनतम दर होती है, जिसमें रिजर्व बैंक का रेपो रेट भी शामिल होता है। बैंकों में फिलहाल तीन तरह के बाहरी बेंचमार्क रेट चल रहे हैं, जिनके हिसाब से लोन पर ब्याज दरों को तय किया जाता है।

प्रजेश/सुनीत

RELATED ARTICLES

Most Popular