कानपुर (हि.स.)। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर द्वारा लॉन्च एयर सैंपलिंग डिवाइस वायु प्रदूषण से निपटने और ठोस बदलाव लाने वाले समाधान विकसित करने के हमारे प्रयासों में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह बात सोमवार को उद्घाटन समारोह में आईआईटी कानपुर के निदेशक प्रो. एस. गणेश ने कहा।
उन्होंने कहा कि इस तकनीक का लाइसेंस प्राप्त करने वाली एयर शेड प्लानिंग प्रोफेशनल्स प्राइवेट लिमिटेड के प्रयासों से, यह उपकरण जल्द ही बाजार में किफायती मूल्य पर उपलब्ध होगा। संस्थान में विकसित की गई ऐसी तकनीकों का उद्देश्य स्वदेशी पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा देने के लिए सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों को बढ़ावा देना है।“
एयर सैंपलिंग डिवाइस का नाम ‘मल्टीपल स्लिट नोजल-बेस्ड हाई वॉल्यूम पीएम 2.5 इम्पैक्टर असेंबली’ है, जिसे आईआईटी कानपुर के प्रोफेसर तरुण गुप्ता द्वारा विकसित किया गया है। आईआईटी कानपुर के पायनियर बैच कंटिन्यूइंग एजुकेशन सेंटर (पीबीसीईसी) में सम्पन्न हुआ। 2020 में संस्थान ने आयातित और महंगे एयर सैंपलर्स और इम्पैक्टर्स को बदलने के उद्देश्य से स्थानीय विनिर्माण के लिए इस विकसित तकनीक को लाइसेंस देने के लिए एयरशेड प्लानिंग प्रोफेशनल्स प्राइवेट लिमिटेड के साथ एक प्रौद्योगिकी हस्तांतरण समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किये थे ।
इस प्रोडक्ट लॉन्च समारोह की शुरुआत एयर सैंपलिंग डिवाइस के अनावरण और प्रदर्शन के साथ हुई, जिसके बाद प्रोडक्ट डेवलपमेंट से व्यवसायीकरण तक की यात्रा में शामिल हितधारकों द्वारा एक परिचयात्मक भाषण और अंतर्दृष्टि साझा की गई। ये चर्चा संस्थानों, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, आर एंड डी (R&D) हाउस, बुनियादी ढांचा कंपनियों और उद्योग भागीदारों सहित विभिन्न क्षेत्रों के हितधारकों के बीच, क्लीनटेक डोमेन में क्रांतिकारी बदलाव लाने के लिए विभिन्न उत्पादों के महत्व और क्षमता पर केंद्रित थी। चर्चा के दौरान, उन्होंने भारतीय वायु गुणवत्ता निगरानी पारिस्थितिकी तंत्र में कमियों को दूर करने के लिए विभिन्न तकनीक-संचालित उत्पादों की उपलब्धियों और संभावनाओं पर भी अपनी राय व्यक्त की।
उद्घाटन समारोह में आईआईटी कानपुर के डीन ऑफ रिसर्च एंड डेवलपमेंट विभाग के प्रोफेसर प्रोफेसर तरूण गुप्ता, एयरशेड प्लानिंग प्रोफेशनल्स प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक धीरेंद्र सिंह, आईआईटी कानपुर के स्टार्टअप इनोवेशन एंड इनक्यूबेशन सेंटर के प्रभारी प्रोफेसर अंकुश शर्मा,और सिविल इंजीनियरिंग विभाग आईआईटी कानपुर के प्रोफेसर मुकेश शर्मा शामिल थे।
राम बहादुर/बृजनंदन
