Friday, March 27, 2026
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 एफआईआर दर्ज न करने वाले पुलिस अधिकारियों पर एफआईआर हो: स्वाति मालीवाल

नई दिल्ली (हि.स.)। दिल्ली महिला आयोग (डीसीडब्ल्यू) की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने बुधवार को मांग की है कि महिला रेसलर की यौन शोषण की शिकायत के बावजूद एफआईआर दर्ज न करने वाले पुलिस अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया जाए। विशेष पुलिस आयुक्त (महिला सुरक्षा) को लिखे पत्र में स्वाति मालीवाल ने कहा कि यह काफी गंभीर मामला है।

पांच दिन पहले शिकायत किए जाने के बावजूद एफआईआर दर्ज नहीं की जा रही है। पुलिस अधिकारियों को इस मामले की जांच करनी चाहिए कि आखिर क्या कारण है कि लिखित शिकायत के बावजूद एफआईआर दर्ज नहीं की जा रही है।

मालीवाल ने कहा कि इस बीच आयोग को महिला रेसलरों की एक और शिकायत मिली है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि एक द्रोणाचार्य अवॉर्डी कोच और हरियाणा रेसलिंग एसोसिएशन के जनरल सेक्रेटरी शिकायत करने वाली महिला कोच को और उनके घर वालों को फोन करके धमकी दे रहे हैं।

मालीवाल ने कहा कि रेसलर फेडरेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष बृजभूषण सिंह के खिलाफ यौन उत्पीड़न की शिकायत दिए जाने के बावजूद पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की है। यह गंभीर मामला है कि पीड़िता की शिकायत के बावजूद पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही है।

डीसीडब्ल्यू ने कहा कि बृजभूषण सिंह के खिलाफ कई लड़कियों ने यौन शोषण की शिकायत की है, इनमें एक नाबालिग लड़की भी शामिल है। इन सभी रेसलर ने बृजभूषण सिंह के रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष रहने के दौरान योग शोषण किए जाने की बात कही है। उन्होंने कहा कि संबंधित अधिकारियों को जल्द से जल्द महिला रिश्वत की शिकायत पर आईपीसी और पोक्सो के तहत मामला दर्ज करना चाहिए। इसके साथ ही उन अफसरों पर भी कार्रवाई की जानी चाहिए जिन्होंने अभी तक एफआईआर दर्ज नहीं की है।

मालीवाल ने कहा है कि पीड़ित रेसलर ने आयोग को बताया कि 21 अप्रैल को उन्होंने कनॉट प्लेस थाने में बृजभूषण सिंह के खिलाफ यौन उत्पीड़न की शिकायत दी थी, लेकिन उस पर कार्रवाई नहीं की गई। 22 अप्रैल को जब पीड़िता ने फोन कर एसएचओ से एफआईआर दर्ज करने के बारे में जानकारी लेनी चाही तो उन्होंने कहा कि अभी शिकायत पर सोमवार के बाद ही कोई कार्रवाई होगी। एसएचओ ने कहा कि इसकी कोई गारंटी नहीं है कि सोमवार को एफआईआर दर्ज की जाएगी, थाने में शिकायत देने के बाद से ही स्पोर्ट्स डिपार्टमेंट में तैनात एक आईपीएस की ओर से पीड़ितों के घरवालों को फोन आने लगे हैं और उन्हें परेशान किया जाने लगा है।

अश्वनी/अनूप शर्मा

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