कुशीनगर(हि.स.)। कुशीनगर इंटरनेशनल एयरपोर्ट परिसर अब पूरी तरह एनिमल फ्री जोन बन गया है। पांच दिन की कड़ी मसक्कत के बाद परिसर में घूम रहे 49 जानवर पकड़ कर जंगल में छोड़ दिए गए हैं। अब जहाजों के लैंडिंग व टेकऑफ के दौरान रन-वे पर जानवरों के आने का सम्भावित खतरा टल गया है।
पांच दिनों तक चले अभियान के दौरान 35 सियार, सात लोमड़ी व सात कुत्ते पकड़े गए। एयरपोर्ट के निर्माण कार्य के दौरान काफी संख्या में आवारा पशु भी विचरते थे, जिन्हें कर्मचारियों ने हांक कर भगा दिया था। परंतु सियार, कुत्ते व लोमडियों को परिसर से भगाना मुश्किल था।
महराजगंज जनपद से बुलाए गए शिकारियों की दस सदस्यीय टीम ने अंजाम दिया। टीम को एयरपोर्ट अथार्टी ने 31 हजार का भुगतान किया है। पकड़े गए जानवरों को वाहन से महराजगंज के जंगल में छोड़ दिया गया।
हवाईजहाज के लिए खतरा हैं पशु-पक्षी
जहाजों के लैंडिंग व टेकऑफ के दौरान जानवर व पक्षी बड़ा खतरा बन जाते हैं। लैंडिंग व टेक आफ के दौरान अचानक जानवरों के आ जाने से जहाज दुर्घटनाग्रस्त भी हो सकते है। पक्षी भी टकरा कर खतरा उत्पन्न कर सकते हैं।
खुले में न फेंके अपशिष्ट
मुख्य सुरक्षा अधिकारी एयरपोर्ट संतोष मौर्य ने बताया कि एयरपोर्ट परिसर को जानवरों से पूरी तरह खाली करा लिया गया है। एयरपोर्ट के इर्द गिर्द के गांव के लोगों से अपील है कि मृत जानवरों को जमीन में दफन कर दें। बकरा, मुर्गा के अपशिष्ट को खुले में न फेंके। अपशिष्ट पर पक्षी आकर्षित होते हैं और अपशिष्ट ले हवा में उड़ते हैं। जिससे जहाजों की सुरक्षा को खतरा हो सकता है।
