प्रयागराज(हि.स.)। उत्तर मध्य रेलवे ने अपनी खाली पड़ी भूमि का उपयोग कर निजी पार्टियों, केन्द्र व राज्य सरकार के अन्य विभागों एवं पीएसयू कम्पनियों को लीजिंग-लाइसेंसिंग आधार पर भूमि देकर 359.93 करोड़ रूपये की आय अर्जित की है।
मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी हिमांशु शेखर उपाध्याय ने बताया कि रेलवे बोर्ड ने वित्त वर्ष 2022-23 में विविध स्रोतों से भू-राजस्व आय का वार्षिक लक्ष्य 80 करोड़ निर्धारित किया था। लेकिन निर्धारित लक्ष्य से लगभग 425 प्रतिशत अधिक आय अर्जित की गई है। उत्तर मध्य रेलवे ने पिछले वित्त वर्ष में अपने निर्धारित लक्ष्य 91.23 की तुलना में मात्र 42.78 करोड़ की आय अर्जित की थी। उत्तर मध्य रेलवे की स्थापना के बाद से उत्तर मध्य रेलवे ने अपना अब तक का सर्वाधिक आय 111 करोड़ वित्त वर्ष 2016-17 के दौरान अर्जित की थी।
उन्होंने बताया कि महाप्रबंधक सतीश कुमार के नेतृत्व एवं जोनल कार्यालय में भूमि मामलों के प्रभारी मुख्य इंजीनियर सामान्य प्रदीप कुमार के प्रयास के फलस्वरूप यह असाधारण उपलब्धि हासिल की जा सकी है। प्रयागराज, झाँसी एवं आगरा मण्डल के मण्डल रेल प्रबंधकों ने भूमि उपयोगकर्ताओं से समय समय पर बकाया भू-राजस्व वसूली सुनिश्चित किये जाने के लिए फील्ड स्तर पर जोनल कार्यालय के दिशा निर्देशों को लागू कराने में विशेष योगदान किया है।
सीपीआरओ ने बताया कि उत्तर मध्य रेलवे द्वारा अर्जित कुल राजस्व 360 करोड़ में प्रयागराज मण्डल- 265.76 करोड़, झाँसी मण्डल- 60.35 करोड़ एवं आगरा मण्डल – 33.79 करोड़ की आय का योगदान दिया गया है। उत्तर मध्य रेलवे ने कानपुर मेट्रो रेल परियोजना को रेलवे ट्रैक को क्रास करने की अनुमति देकर 235 करोड़ का राजस्व अर्जित किया है।
विद्या कान्त
