लखनऊ(हि.स.)। उत्तर प्रदेश के मुस्लिम धर्म के मौलानाओं की ओर से यूनिफार्म सिविल कोड (यूसीसी) पर अलग-अलग बयान सामने आ रहे हैं। इसी क्रम में ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के अध्यक्ष मौलाना सैय्यद सायम मेंहदी नकवी ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने सरकार से यूसीसी की परिभाषा पूछते हुए कहा कि यूसीसी क्या है, क्या चाहती है, सरकार उसकी पूरी परिभाषा बताये।
मौलाना सैय्यद सायम मेंहदी नकवी ने शिया पक्ष की ओर से कहा कि मुस्लिम में शिया सुन्नी के पर्सनल लॉ एक जैसे नहीं है। हमारे देश में सभी को अपने धर्म के पालन करने की पूरी आजादी है। फिर वो चाहें शिया हो, सुन्नी हो, या फिर सिख, इसाई हो।
बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी के बयान में प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि यूसीसी पर विवाद होता दिख रहा है, ऐसे में बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील की ओर से आदीवासी के लिए आया बयान बेहद गलत है। आदीवासी को यूसीसी से अलग रखने के बयान की हम आलोचना करते हैं। क्या आदीवासी देश के नागरिक नहीं है।
सरकार ने यूनिफार्म सिविल कोड (यूसीसी) की जानकारी एकत्रित करने के लिए लॉ कमीशन का गठन किया है और 15 जुलाई तक भारतीय नागरिकों से यूसीसी के संदर्भ में सलाह मांगी है। मुस्लिम धर्म के धर्मगुरुओं और मौलानाओं की ओर से यूसीसी पर अपनी अपनी राय देने की अपील की गयी है।
शरद/राजेश
