Wednesday, April 1, 2026
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उमेश पाल का अपहरण पहले भी अतीक गिरोह ने कराया था,उमेश दिलेरी से लड़ते रहे माफिया के खिलाफ न्यायिक जंग

-चर्चित राजू पाल हत्याकांड के गवाह उमेश पाल की सनसनीखेज हत्या के बाद एसटीएफ प्रयागराज, वाराणसी यूनिट हमलावरों की तलाश में कर रही छापेमारी

प्रयागराज /वाराणसी (हि.स.)। प्रयागराज में चर्चित राजू पाल हत्याकांड के गवाह अधिवक्ता उमेश पाल की सनसनीखेज हत्या के बाद जिले के तेज तर्रार पुलिस अफसरों के साथ एसटीएफ प्रयागराज, वाराणसी यूनिट हमलावरों की तलाश में छापेमारी कर रही है। सर्विलांस और खुफिया एजेंसियों का सहारा लेकर प्रयागराज, प्रतापगढ़, कौशांबी,आजमगढ़ और मऊ में भी शूटरों की तलाश हो रही है। एसटीएफ मुख्यालय की सर्विलांस टीम को भी सक्रिय किया गया है।

घटना को लेकर प्रदेश शासन भी गंभीर है। योगी सरकार ने मामले की रिपोर्ट तलब की है। प्रमुख सचिव गृह संजय प्रसाद और डीजीपी डॉ. डीएस चौहान घटनाक्रम पर नजर जमाये हुए है। उधर,वारदात का वीडियो शुक्रवार शाम से ही सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है। वारदात के बाद मृत उमेश पाल की मां शांति पाल और पत्नी ने पूर्व सांसद अतीक अहमद पर सीधा आरोप लगाया है। शांति पाल का कहना है कि अतीक कई बार पहले भी हमला करा चुका है। मृतक की पत्नी और परिजनों ने पूर्व सांसद अतीक अहमद,उसके भाई अशरफ,अतीक की पत्नी शाइस्ता परवीन,दोनों बेटो के अलावा गुड्डू मुस्लिम,गुलाम,सहित नौ अज्ञात साथियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।

प्रयागराज में शुक्रवार को बसपा विधायक राजू पाल हत्याकांड के मुख्य गवाह अधिवक्ता उमेश पाल की गोली मारकर हत्या कर दी गई। सनसनीखेज वारदात की सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया में वायरल हो रही है। इसमें उमेश पाल के कार से निकलते ही उन पर गोलियां चलाते हमलावर दिखाई दे रहे हैं। गोलियों के साथ ही बम भी हमलावर फेंक रहे है। गोली से घायल उमेश जमीन पर गिर पड़ते हैं। उमेश पाल के गिरते ही उनका गनर बदमाश पर झपटता है तो उस पर भी फायरिंग होती है। इसी बीच गोली लगने के बाद भी उमेश पाल अपने घर की तरफ गली में भागते हैं। उनके भागते ही आगे की तरफ से भी कुछ हमलावर उनके पीछे गोलिया चलाते हुए दिख रहे हैं।

अधिवक्ता उमेश पाल राजू पाल हत्याकांड के प्रमुख गवाह रहे। 25 जनवरी 2005 को शहर पश्चिमी से बसपा विधायक राजू पाल की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में बाहुबली सांसद अतीक अहमद, उसके भाई विधायक खालिद अजीम उर्फ अशरफ पर हत्या के आरोप लगे थे। जानकार बताते हैं कि राजू पाल हत्याकांड के मुख्य गवाह उमेश पाल का अतीक गिरोह ने एक बार अपहरण भी किया था। उन्हें किसी अज्ञात स्थान पर ले जाकर मारपीट कर धमकाया गया कि अगर राजू पाल हत्याकांड में गवाही दी तो जान से मार दिया जाएगा। इस मामले में अतीक, अशरफ समेत गिरोह के कई गुर्गों के खिलाफ उमेश ने अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थीं और पूरी दमदारी से मुकदमा लड़ रहे थे।

माफिया अतीक अहमद गिरोह के विरुद्ध भी शासन के निदेश पर लगातार कार्रवाई हुई है। प्रदेश में माफिया गिरोह की 1842 करोड़ से अधिक कीमत की संपत्ति जब्त व ध्वस्त की गई है। इनमें अतीक गिरोह की लगभग 900 करोड़ की संपत्ति जब्त व ध्वस्त कराई गई है। अतीक गिरोह के कब्जे से कई बड़ी जमीनों को मुक्त कराया गया है। उमेश पाल हत्याकांड के बाद अब पुलिस प्रशासन माफिया अतीक गिरोह के विरुद्ध अपनी कार्रवाई तेज करेगा।

श्रीधर

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