लखनऊ (हि.स.)। जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने जलवा बिखेर दिया है। यहां 16 जिलों में भाजपा उम्मीदवारों ने निर्विरोध नामांकन कर अपना कब्जा जमा लिया है। निर्विरोध नामांकन के बाद विजय सुनिश्चित मानी जा रही है। वहीं, सपा को मात्र इटावा में निर्विरोध जीतने की सफलता मिली है। बतादें कि जिन जिलों में एक से अधिक नामांकन हुए हैं, वहां 29 जून को नामांकन वापसी के बाद मामला साफ हो जाएगा। आज नामांकन की अंतिम तारीख के दिन भाजपा व अन्य विपक्षी दलों के बीच खूब घमासान हुआ। सपा ने जिला प्रशासन पर उम्मीदवारों की कीडनैपिंग का आरोप लगाया है।
आयोग द्वारा जारी सूची के अनुसार आगरा से मंजू भदौरिया, ग़ाज़ियाबाद से ममता त्यागी, मुरादाबाद से डॉ शेफाली, बुलंदशहर से डॉ अंतुल तेवतिया, ललितपुर से कैलाश निरंजन, मऊ से मनोज राय, चित्रकूट से अशोक जाटव, गौतमबुद्ध नगर से अमित चौधरी, श्रावस्ती से दद्दन मिश्र, गोरखपुर से साधना सिंह, बलरामपुर से आरती तिवारी, झांसी से पवन कुमार गौतम, गोंडा से घनश्याम मिश्र, मेरठ से गौरव चौधरी निर्विरोध नामांकन किए हैं। वहीं, भाजपा ने वाराणसी सीट पर भी निर्विरोध नामांकन किया है।
सियासत ने दोहराया इतिहास, वीर सिंह के बाद अशोक जाटव बने निर्विरोधचित्रकूट की सियासत ने फिर इतिहास दोहराया है। 2005 में दस्यु सम्राट ददुआ पुत्र वीर सिंह ने सपा से निर्विरोध ज़िला पंचायत अध्यक्ष पद की कुर्सी हथियाई थी और आज भाजपा के जिला पंचायत अध्यक्ष उम्मीदवार अशोक जाटव ने निर्विरोध ज़िला पंचायत अध्यक्ष बन गए। चित्रकूट जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर अन्य किसी दावेदार में नामांकन नहीं किया भाजपा के उम्मीदवार निर्विरोध अध्यक्ष बन गए हैं।
उप्र: 16 जिलों के पंचायत अध्यक्ष पद पर भाजपा का कब्जा
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