-योगी सरकार ने सभी जनपदों को लेकर जारी किए निर्देश-80 हजार स्वस्थ हो चुके मरीजों का होगा टेलीफोन से सर्वे
लखनऊ (हि.स.)। कोरोना से स्वस्थ हो चुके कई मरीजों में इसके बाद अन्य प्रकार की समस्याएं देखने को मिल रही हैं। इसके मद्देनजर योगी सरकार ने सभी जनपदों में नॉन कोविड अस्पतालों यानि संयुक्त जिला चिकित्सालयों में ऐसे मरीजों के इलाज के लिए खास ‘पोस्ट कोविड केयर डेस्क’ बनाने का फैसला किया है। इस संबंध में राज्य सरकार ने निर्देश जारी कर दिए हैं।
चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ को दी जा रही ट्रेनिंग प्रदेश के अपर मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद के मुताबिक पूरे प्रदेश के सभी जनपदों में ‘पोस्ट कोविड केयर डेस्क’ बनाई जाएगी। यहां कोरोना संक्रमण के बाद स्वस्थ हो चुके मरीज सांस लेने में दिक्कत, मधुमेह का स्तर बढ़ना सहित अन्य समस्याओं को लेकर अपना उपचार करा सकेंगे। उन्होंने कहा कि इसके लिए संबंधित अस्पतालों के चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ को ट्रेनिंग दी जा रही है।
टेलीफोन सर्वे में मरीजों में जटिलता का लगाया जाएगा पता
इसके साथ ही प्रदेश में 01 सितम्बर से 15 सितम्बर के बीच लगभग 80,000 मरीज ठीक होने के बाद डिस्चार्ज किए गए हैं। अब मंगलवार से उनका टेलीफोन के जरिए सर्वे भी शुरू किया जाएगा। इसमें कोरोना को लेकर संचालित राज्यस्तरीय कंट्रोल रूम से फोन करके विशेषज्ञ इन स्वस्थ हो चुके लोगों से कुछ प्रश्न करेंगे। इसका उद्देश्य यह पता लगाना है कि कोरोना संक्रमण के बाद कितने प्रतिशत लोगों में जटिलता आ रही है यह उनमें किसी अन्य रोगों के लक्षण नजर आ रहे हैं। इसलिए सभी स्वस्थ हो चुके लोग फोन आने पर सहयोग करें।
पॉजिटिविटी की दर अभी तक के न्यूनतम स्तर पर पहुंचीअपर मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य के मुताबिक इसके साथ ही राज्य में कोरोना को लेकर पॉजिटिविटी की दर में भी काफी सुधार देखने को मिला है। उन्होंने बताया कि मार्च में संक्रमण की शुरुआत से 31 मई तक के आंकड़े देखें तो पॉजिटिविटी दर 3.3 प्रतिशत थी। इसके बाद इसका ग्राफ बढ़ना शुरू हुआ और जून में यह बढ़कर 4.0 प्रतिशत हो गई। वहीं जुलाई में पॉजिटिविटी दर 4.2 और अगस्त में 4.6 प्रतिशत रही।उन्होंने बताया कि इसके बाद सितम्बर माह से पॉजिटिविटी दर में गिरावट शुरू हुई। सक्रिय मामलों में कमी और मरीजों के तेजी से स्वस्थ होने की बदौलत रिकवरी दर में वृद्धि की बदौलत ऐसा हुआ। सितम्बर माह में पॉजिटिविटी दर का ग्राफ अगस्त की अपेक्षा नीचे आता हुआ 4.0 प्रतिशत पर आ गया। वहीं इस माह अक्टूबर में यह अभी तक और कम होकर 2.1 प्रतिशत पर है।
कोरोना की दूसरी लहर आने से रोकने को सतर्कता बेहद जरूरीइस तरह पॉजिटिविटी दर में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। हालांकि इसके बावजूद सतर्कता और सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। प्रदेश में आज से कक्षा 9 से 12वीं तक स्कूल खुल गए हैं। वहीं पर्वों के मद्देनजर भी लोग ज्यादा बाहर निकल रहे हैं। इसलिए हर हाल में मास्क पहनें और शारीरिक दूरी का पालन करें। बुजुर्गों, बच्चों और गभर्वती महिलाओं को लेकर खास सतर्कता बरतें, जिससे कोरोना की दूसरी लहर आने की स्थिति नहीं बनें।
उप्र : स्वस्थ होने के बाद समस्या से जूझ रहे मरीजों के लिए बनेगी ‘पोस्ट कोविड केयर डेस्क’
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