Thursday, March 5, 2026
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उप्र: सूखा के आसार, सरकार की बढ़ी चिंता

-18 को कृषि मंत्री करेंगे उच्च स्तरीय बैठक, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना पर होगी चर्चा

लखनऊ(हि.स.)। जून माह में एक चौथाई से भी कम, जुलाई माह में अब तक औसत वर्षा 199.7 मिमी की अपेक्षा मात्र 62 मिमी बारिश हुई है। जिसके कारण प्रदेश में अब तक पिछले साल की अपेक्षा 16 प्रतिशत धान की रोपाई कम हुई है। अब सूखे की आहट से प्रदेश सरकार के भी कान खड़े हो गये हैं। यदि इस माह झमाझम बारिश नहीं हुई तो खरीफ की फसल चौपट होना तय है।

इस संकट को लेकर कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही की अध्यक्षता में 18 जुलाई को उच्चस्तरीय बैठक होगी। जिसमें मुख्य रूप से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को लेकर चर्चा होगी। बैठक में सूखे को लेकर आने वाली समस्याओं को लेकर गंभीर रूप से चर्चा होगी। इस संबंध में कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने हिन्दुस्थान समाचार को बताया कि 18 जुलाई को उच्चस्तरीय बैठक होनी है। उसमें प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना व अन्य मुद्दों पर चर्चा होगी।

कहा कि सरकार हर वक्त किसानों की चिंता करती है। सूखा की आशंका को लेकर भी सरकार सतर्क हैं। बिजली व्यवस्था सुचारू रहे। सिंचाईं की व्यवस्था ठीक किया जाय। इसके लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी व्यवस्था में लगे हुए हैं।

जुलाई माह में अब तक औसत वर्षा 199.7 मिमी होनी चाहिए थी, लेकिन 76.6 मिमी ही बारिश हुई है। इससे किसानों की चिंता के साथ ही सरकार की भी चिंता बढ़ गयी है। वहीं जून माह में भी कम बारिश होने से खरीफ की फसल की बुआई कम हुई है।

यूपी में धान एवं खरीफ फसल की खेती का कुल रकबा 95 से 96 लाख हेक्टेयर है। इस वर्ष लगभग 90 लाख हेक्टेयर ही बुआई हो पायी है। इस कारण भी सरकार की चिंता बढ़ी है कि खरीफ की फसल का रकबा बढ़ाने का सरकार प्रयास कर रही थी लेकिन इस वर्ष मौसम की बेरूखी से कम बोआई हो पायी है।

उपेन्द्र

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