लखनऊ (हि.स.)। उत्तर प्रदेश समेत 10 राज्यों का वांटेड साइबर ठग प्रमोद मंडल को उसके चार साथियों संग राजधानी की साइबर क्राइम सेल ने पकड़ने में कामयाबी हासिल की है। इनके पास से टीम को एक लाख बीस हजार रुपये कैश बरामद हुआ है। पकड़ा गया प्रमोद मंडल के खिलाफ उप्र समेत कई राज्यों में 36 से अधिक अपराधिक मुकदमें दर्ज हैं।
साइबर क्राइम सेल के प्रभारी मथुरा राय ने बताया कि उन्हें सूचना मिली कि साइबर ठगी गिरोह का मुख्य आरोपित प्रमोद मंडल लखनऊ जेल में बंद पिता और चाचा से मिलने आया हुआ है। इसके बाद सक्रिय हुई टीम ने कार्रवाई करते हुए प्रमोद मंडल और उसके चार अन्य साथियों को पकड़ लिया। पकड़े गए अभियुक्तों ने अपना नाम विजय मंडल उर्फ प्रमोद मंडल, मनोज मंडल, राजेश मंडल,करन मंडल, और जितेन्द्र कुमार मंडल बताया है। ये सभी झारखंड के अलग-अलग जिलों के रहने वाले हैं। पुलिस ने इससे पहले भी इनके गिरोह के 11 सदस्यों को पकड़कर जेल भेज चुकी है।
20 करोड़ की कर चुके ठगी
साइबर सेल ने सभी से पूछताछ की तो इन लोगों ने अपा गुनाह स्वीकारते हुए बताया कि वह करीब पांच सालों से ठगी का कार्य कर रहे हैं। अब तक इन लोगों ने सैकड़ों लोगों को निशाना बनाते हुए 20 करोड़ रुपये की ठगी कर चुके हैं। इनके ठगी करने का अलग तरीका है। वह स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के योनो व स्कयोर मनी एप व बैंक ऑफ बड़ौदा के मनी पासबुक व अन्य बैंको द्वारा चलाये जा रहे कस्टमर केयर एप की कमियों का फायदा उठाकर ठगी करते हैं। खाता धारक को फोन कर नेट बैंकिग, बैंक डिटेल, एटीएम कार्ड का पासवर्ड व ओटीपी लेकर नेट बैकिंग जनरेट उनके खातों से रुपयों को दूसरे खाते में ट्रासफर कर निकाल लेते हैं । वह लोग एक गिरोह बनाकर काम करते हैं।
उप्र समेत 10 राज्यों का वांटेड है प्रमोद
साइबर क्राइम सेल के हत्थे चढ़ा प्रमोद मंडल के देश के सबसे बड़े साइबर ठगों में से एक है। उसके खिलाफ देश के 10 राज्य उत्तर प्रदेश, झारखंड, बिहार, दिल्ली, पंजाब समेत कई राज्यों में 36 से अधिक मुकदमें दर्ज हैं। वह बैंक खातों से रकम उड़ाने के साथ दूसरे साइबर अपराधियों को भी ट्रेनिंग देता था। प्रमोद मंडल ने ठगी से कमाए करोड़ों रुपये के लेनदेन के लिए दिल्ली में अकाउंटेंट तक रखा था।
