-विधान सभा में बजट पर चर्चा के दौरान अखिलेश ने कहा कि सरकार केवल सपने दिखा रही
लखनऊ (हि.स.)। उप्र विधान सभा सत्र के दौरान बजट पर चर्चा करते हुए नेता प्रतिपक्ष अखिलेश यादव ने मंगलवार को सदन में कहा कि सरकार का यह बजट दिशाहीन है। जनता को गुमराह करने वाला है। नेता प्रतिपक्ष के भाषण के दौरान नेता सदन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी विधान सभा मौजूद रहे।
नेता विरोधी दल अखिलेश यादव ने कहा कि यह सरकार जनता को एक ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी के सपने दिखा रही है। वह सपने कैसे पूरे होंगे। नीति आयोग के आंकड़ों को गिनाते हुए उन्होंने सरकार के कामकाज पर सवाल उठाए।
उन्होंने कहा कि सरकार कहती है कि निवेश के लिए 33 लाख करोड़ से अधिक का एमओयू हुआ है। आज मैं एक अखबार में पढ़ रहा था, जहां ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (जीआईएस) हुआ, वहां 20 दिन से सफाई नहीं हुई है। मौजूदा सरकार से सपा की सरकार में यूपी का ग्रोथ रेट ज्यादा था। सपा में 12.8 प्रतिशत था। भाजपा सरकार में 7.8 प्रतिशत है। सरकार ने डेटा का संतुलन बनाने के लिए एक संस्था को रखा है। इसके लिए 200 करोड़ रुपये उस संस्था को दिए जा रहे हैं।
सरकार कहती है कि बेरोजगारी दर 4.2 प्रतिशत है। अगर सरकार को सच्चा आंकड़ा बताना है तो उसे रोजगार सृजन की दर बतानी चाहिए। यह उसी तरह से है, जब सरकार गन्ना का भुगतान तो बताती है लेकिन बकाया के बारे में नहीं बताती। युवाओं में इतनी नाउम्मीदी कभी नहीं थी।
अखिलेश यादव ने सदन में कहा कि निवेश का बहुत ढिंढोरा पीटा गया। सरकार बताए कि किस कंपनी ने कितना निवेश किया है। किसने बिजली कनेक्शन लिए हैं। बड़े उद्यमी पहले भी आये। एमएसएमई की कितनी इकाइयां लगीं ? सरकार यह भी बताए। अखिलेश ने ज्यादातर जिलों के ओडीओपी उत्पाद का जिक्र करते हुए सरकार से उसके लिए बजट निर्धारण के बारे में सवाल पूछा।
उन्होंने कहा कि अगर प्रदेश को बढ़ाना है तो सड़क अच्छी होनी चाहिए। ऐसा एक्सप्रेस-वे नहीं बनाना है जिसमें गाड़ी घुस जाए। यूपी में सरकार ने पीडब्ल्यूडी का 27 हजार 470 करोड़ का बजट दिया था। खर्च केवल 7570 करोड़ किया। सपा की सरकार में पहली एलिवेटेड रोड बनी। भाजपा सरकार में एक भी सड़क एलिवेटेड नहीं बन पाई। अखिलेश यादव ने सपा सरकार में बनीं सड़कों को भी गिनाया।
सबसे ज्यादा लोकसभा सदस्य यूपी जिताता है लेकिन यूपी को सड़क के लिए बजट नहीं मिला। नेता प्रतिपक्ष ने सपा सरकार में बने हाईकोर्ट और लोकभवन जैसे भवनों का भी जिक्र किया। जेपीएनआइसी भवन का जिक्र करते हुए कहा कि इस भवन का सभागार बना कर शुरू करना चाहिए। अगर यह शुरू होता और इन्वेस्टर्स मीट वहीं हो सकता था।
अखिलेश यादव ने प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं पर भी सवाल खड़ा किये। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के स्वास्थ्य का 44 हजार करोड़ का बजट में प्रावधान किया है। खर्च केवल 21 हजार करोड़ हुआ। प्रदेश एग्रीकल्चर ग्रोथ और इंडस्ट्री ग्रोथ में नीचे जा रहा है। इन क्षेत्रों में अगर आप नीचे जा रहे हैं तो एक ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी कैसे हासिल करेंगे ?
सबके साथ न्याय हो, इसके लिए जरूरी है कि जातिगत जनगणना हो। सरकार जातिगत जनगणना के खिलाफ क्यों है। सरकार अलग-अलग जाति की संख्या क्यों छुपाना चाहती है ? अखिलेश यादव ने गोमती किनारे पीताम्बरा यज्ञ में जाने पर खुद का विरोध होने की घटना का भी सदन में जिक्र किया। उन्होंने कहा कि विरोध करने वाले सरकार द्वारा प्रायोजित थे। अखिलेश ने रामधारी सिंह दिनकर की रचना रश्मिरथी की पंक्तियों को भी दोहराया।
दिलीप शुक्ल
