अयोध्या । बहुजन समाज पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चन्द्र मिश्र ने कहा है कि 2022 में होने वाले उप्र विधानसभा के चुनाव में पार्टी अकेले लड़ेगी और किसी भी दल के साथ कोई गठबंधन नहीं करेगी। मर्यादा पुरूषोत्तम भगवान श्रीराम की नगरी से ब्राम्हण सम्मेलन जिसे बाद में प्रबुद्ध वर्ग सम्मेलन का नाम दिया गया को सम्बोधित करने पहुंच बसपा नेता मिश्र ने कहा कि भाजपा अगर सोचती है कि प्रभु राम केवल उसके हैं,तो यह उसकी सबसे बड़ी भूल है। भगवान राम सबके हैं उनसे ज्यादा हमारे हैं।
अयोध्या पहुंचे बीएसपी के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्र ने रामजन्मभूमि परिसर में रामलला व हनुमानगढ़ी का दर्शन पूजन किया। इसके बाद रामकोट बैरियर पर स्थित प्राचीन जगन्नाथ मंदिर में पीठाधीश्वर राघव दास से आशीर्वाद लिया। यहां से हनुमानगढ़ी दर्शन करने के लिए रवाना हुए। साथ ही उन्होंने सरयू का दुग्धाभिषेक किया। इस दौरान राष्ट्रीय महासचिव मिश्र ने कहा कि शासन से उपेक्षित व पीड़ित ब्राह्मण समाज को जागरूक करने के लिए ब्राम्हण सम्मेलन शुरू किया जा रहा है। उन्होंने कहा हम धर्म के नाम पर राजनीति नहीं करते। रामलला पर राजनीति नहीं करते। हम भगवान राम में आस्था रखते हैं। उन्होंने कहा कि 2022 के चुनाव में बीएसपी अकेले चुनाव लड़ेंगी। किसी भी दल से गठबंधन न करके केवल जनता व सर्वसमाज से ही पार्टी गठबंधन करेगी। पहले भी सर्व समाज से गठबंधन कर चुनाव जीत कर हम सरकार बना चुके हैं।
बसपा नेता मिश्र ने कहा कि 2022 के उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी जनता से गठबंधन करेगी। कानपुर के बिकरू कांड में विकास दुबे के भतीजे की पत्नी खुशी दुबे की जमानत के बारे में उन्होंने कहा कि हम तो बाराबंकी जेल में बंद खुशी दुबे की हर संभव मदद करेंगे। बहुजन समाज पार्टी विकास दुबे के भतीजे अमर दुबे की नाबालिग विधवा को जमानत दिलवाने को कानूनी लड़ाई लड़ने का मन बना चुकी है। उन्होंने कहा कि उप्र में 13 फीसदी ब्राह्मण और 23 फीसदी दलित मिल गए तो यहां पर बसपा की सरकार बननी तय है। इसके साथ ही बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती पांचवीं बार प्रदेश की मुख्यमंत्री बन जाएंगी। प्रदेश के करोड़ों लोगों ने इससे पहले भी बसपा के शासन काल में सर्वसमाज की प्रगति देखी है और प्रदेश में कानून-व्यवस्था को भी सराहा है। उन्होंने कहा कि ब्राह्मण समाज जिधर घूम जाएगा उसकी सरकार बना देगा। उत्तर प्रदेश का ब्राह्मण समाज बीते दस वर्ष से उपेक्षित है। उन्होंने बीजेपी और सपा ने ब्राह्मणों को छोड़ दिया, लेकिन मायावती ने ब्राह्मण समाज को नहीं छोड़ा। उन्होंने प्रदेश के ब्राह्मण समाज के लोगों से आह्वान है कि अगर आप परशुराम जी के वंशज हैं तो डर निकालिए। आप तिलक लगाते हैं और जनेऊ पहनते हैं। कान्यकुब्ज और सरयूपारी ब्राह्मण का अंतर भूला दीजिए। उत्तर प्रदेश में दलित और ब्राह्मण समाज पर अत्याचार हो रहे हैं
उप्र विधानसभा चुनाव अकेले लड़ेगी बसपा-सतीश मिश्र
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